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दिल्ली: आज से खुल जाएंगे धार्मिक स्थल, नहीं बंट सकेगा प्रसाद; श्रद्धालुओं के बीच रखनी होगी दूरी

Sat, 02 Oct 2021 03:25 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Sat, 02 Oct 2021 03:25 AM IST
सार

डीडीएमए ने कोरोना के सुधरते हालात को देखते हुए भले ही धार्मिक स्थलों पर लोगों को जाने की अनुमित दे दी है लेकिन इसके लिए कोरोना की एसओपी का खास ध्यान रखना होगा।

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DDMA orders Religious places shall be permitted to open for visitors devotees subject to strict compliances of SOP
फाइल फोटो - फोटो : istock

विस्तार

राजधानी के धार्मिक स्थल शनिवार से खुल सकेंगे। दिल्ली सरकार ने कोरोना नियमों के पालन के साथ इन्हें श्रद्धालुओं के लिए खोलने की अनुमति दे दी है। कोरोना नियमों के सख्ती से पालन व मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति होगी। श्रद्धालुओं के बीच छह फीट की दूरी रखनी होगी। जिला प्रशासन और पुलिस धार्मिक स्थलों में भीड़भाड़ पर नजर रखेंगे। मंदिर परिसर में बड़ी सभाओं की अनुमति नहीं होगी।

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कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण 19 अप्रैल से मंदिरों को भक्तों के लिए बंद कर दिया गया था। इसके बाद से ही श्रद्धालुओं को सरकार की ओर से मंदिर भक्तों के लिए खोलने की अनुमति का इंतजार था। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने त्योहारी सीजन को देखते हुए जिलाधिकारियों और पुलिस उपायुक्तों को कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
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मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत धार्मिक स्थलों में केवल उन श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति होगी, जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं होंगे। प्रत्येक श्रद्धालु को मास्क का उपयोग करना होगा। प्रार्थना के लिए एक ही चटाई का उपयोग नहीं किया जाएगा। आदेश के मुताबिक, धार्मिक स्थल के अंदर प्रसाद वितरण या पवित्र जल के छिड़काव आदि की अनुमति भी नहीं दी गई है। मंदिर प्रशासन को बैठने की व्यवस्था इस तरह करनी होगी, जिससे शारीरिक दूरी बनी रहे। 
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कतार में करना होगा छह फीट की दूरी का पालन
मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को कतार में दूसरे से कम से कम छह फीट की दूरी पर खड़ा होना होगा। कतार के प्रबंधन और परिसर में सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए विशिष्ट चिन्ह भी बनाने होंगे। आगंतुकों के लिए अलग प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था करनी होगी। धार्मिक स्थलों पर वातानुकूलन और वेंटिलेशन को देखते हुए तापमान 24-30 डिग्री सेल्सियस, आर्द्रता 40-70 फीसदी और ताजी हवा के आवागमन का इंतजाम करना होगा।

भजन कीर्तन की नहीं मिली इजाजत
धार्मिक स्थलों में भजन-कीर्तन की अनुमति नहीं मिली है। मंदिर परिसर में सिर्फ रिकॉर्ड किए गए भक्ति गीत बजाने की अनुमति होगी। वहीं, धार्मिक स्थलों पर सामुदायिक रसोई, लंगर, अन्न-दान में भोजन बनाते और वितरित करते समय शारीरिक दूरी के मानदंडों का पालन करना होगा। डीडीएमए के ये दिशा-निर्देश 15 अक्तूबर की मध्यरात्रि तक जारी रहेंगे।

इससे पहले दुर्गा पूजा, दशहरा और छठ के लिए जारी हो चुके हैं ये निर्देश

त्योहारी सीजन की शुरुआत होने से पहले दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने कोरोना संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस साल भी छठ पर्व सार्वजनिक स्थलों पर मनाने की मनाही है। वहीं, रामलीला मंचन और दुर्गा पूजन का आयोजन शर्तों के साथ किया जा सकेगा। आयोजकों को प्रतिदिन आयोजन की वीडियोग्राफी नोडल अधिकारी को सौंपनी होगी। इसके लिए जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की ओर से प्रत्येक आयोजन स्थल के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे।

एक दिन पहले उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में हुई डीडीएमए की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे। इसे लेकर बृहस्पतिवार को डीडीएमए ने आधिकारिक रूप से दिशा-निर्देश जारी किए। आदेश के अनुसार, घाटों और खुले स्थान पर छठ पूजा का पर्व मनाने की अनुमति नहीं है। कोरोना से बचाव के तहत श्रद्धालु केवल घर में ही छठ पूजा मना सकते हैं। रामलीला और दुर्गा पूजन के आयोजन से पहले आयोजकों को सबसे पहले जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। इसके बाद अन्य एजेंसियों से अनुमति ली जाएगी। कंटेनमेंट जोन में आयोजन की अनुमति नहीं होगी।

नोडल अधिकारी कराएंगे नियमों का पालन
डीडीएमए ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक आयोजन स्थल के लिए जिलाधिकारी व पुलिस उपायुक्त एक-एक नोडल अधिकारी को नियुक्त करेंगे। आयोजन स्थल पर कोरोना नियमों के तहत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पालन कराने की जिम्मेदारी नोडल अधिकारियों की रहेगी। आयोजकों को प्रतिदिन कोरोना नियमों के पालन को लेकर आयोजन की रिकॉर्डिंग एक प्रमाण पत्र के साथ कार्यक्रम खत्म होने के तीन घंटे के भीतर नोडल अधिकारियों को सौंपनी होगी। नियमों में अनदेखी व लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसओपी प्रमाण पत्र को जिलाधिकारी व पुलिस उपायुक्त द्वारा हस्ताक्षर कर मुख्य सचिव के पास भेजा जाएगा।

आयोजन स्थलों पर खड़े होने और जमीन पर बैठने की अनुमति नहीं
रामलीला और दुर्गा पूजन स्थलों पर केवल सीटों की ही अनुमति दी है। खड़े होने या जमीन पर बैठने की अनुमति नहीं होगी। आयोजन स्थल पर किसी भी प्रकार के खाने-पीने के स्टॉल, झूले व मेला आदि की अनुमति नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति को मास्क अनिवार्य रूप से लगाना होगा। बंद आयोजन स्थल पर केवल 50 फीसदी सीटों की संख्या निर्धारित की गई है। खुले स्थान के लिए संबंधित जिला प्रशासन कोरोना नियमों के तहत शारीरिक दूरी के पालन के साथ सीटें निर्धारित करेगा। साथ ही प्रत्येक आयोजन स्थल पर प्रवेश व निकासी के लिए अलग-अलग व्यवस्था करनी होगी। आयोजन स्थल पर पहुंचने वाले प्रत्येक व्यक्ति थर्मल स्कैनिंग करना भी अनिवार्य है।

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