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दलित नेता का एलान, कार्रवाई न हुई तो दे देगा जान
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 07 Feb 2016 09:24 AM IST
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मेयर उपचुनाव से पहले ही कांग्रेस में एक बार फिर से बवाल की स्थिति पैदा हो गई है। इस बार पार्टी के ही एक दलित नेता ने आरोप लगाया है कि उसे भरी सभा में जातिसूचक शब्दों से बेइज्जत किया गया।
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इस मामले में दलित नेता ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर आरोपी नेताओं पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपनी जान दे देगा।
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उधर भाजपा ने इस मुद्दे को हवा देते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा का कहना है कि आखिर राहुल गांधी चुप क्यों हैं।
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दलित नेता जितेंद्र गौड़ के अनुसार तीन फरवरी को पार्टी की एक बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। जितेंद्र गौड़ का आरोप है कि उन्हें पार्टी महानगर अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा ने उसे जातिसूचक शब्दों से संबोधित करते हुए बेइज्जत किया।
भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए पात्रा ने कहा कि जब उनकी अपनी ही पार्टी में किसी दलित के साथ दुर्व्यवहार और उसकी बेइज्जती की जाती है तो राहुल गांधी चुप क्यों रहते हैं।
जब गाजियाबाद जिला के एससी मोर्चा प्रमुख ने उन्हें पत्र लिख कर अपने सार्वजनिक अपमान के लिए आत्महत्या की धमकी दी तो राहुल ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।
उन्होंने कहा कि पत्र लिखे तीन दिन हो गए हैं, कम से कम राहुल गांधी को एक बार उससे मिलना चाहिए था या बात करनी चाहिए थी।
इस मामले में गाजियाबाद कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा का कहना है कि कुछ दिनों पूर्व पूर्व सांसद-विधायकों की बैठक बुलाई गई थी।
इसमें अन्य कांग्रेसी भी आ गए थे। ऐसे में सार्वजनिक रूप से अन्य लोगों को बाहर जाने की अपील की गई थी। किसी से भी जातिसूचक शब्द नहीं कहे गए हैं।
जो व्यक्ति अब इस तरह की बात कर रहा है, वह निष्ठावान कांग्रेसी नहीं हो सकता। कांग्रेस प्रत्याशी लालमन सिंह पाल के साथ बड़ी संख्या में दलित वोट बैंक जुड़ा है। इसी के चलते किसी के बहकावे में आकर यह कहानी रची जा रही है।