नहीं काटने होंगे थाने के चक्कर, एक क्लिक से करें साइबर क्राइम की शिकायत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साइबर संबंधित अपराधों की शिकायत 9 मई से बिना थाने-पुलिस चौकी के चक्कर काटे घर बैठे सेंटर फॉर साइबर क्राइम इनवेस्टिगेशन में कर सकते हैं। नौ मई को डीजीपी उत्तर प्रदेश जवीद अहमद नोएडा पहुंच रहे हैं और करीब सवा करोड़ की लागत से बने इस साइबर सेल व वेबसाइट का शुभारंभ करेंगे।
यह साइबर क्राइम से जुड़ी किसी भी तरह की शिकायत पीड़ित अपने कम्प्यूटर पर 222.ष्ष्द्बठ्ठशद्बस्रड्ड.शह्म्द्द (साइबर सेल) की वेबसाइट पर क्लिक कर सकता है।
वहां पर दिए गए साइबर क्राइम के प्रकारों के आप्शन पर जाना होगा। अपनी सारी डिटेल भरनी होगी। कोई फर्जीवाड़ा न कर सके ,उसका विशेष ध्यान रखा गया है। ऐसे में संबंधित पीड़ित के मोबाइल नंबर पर एक वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) साइबर सेल द्वारा भेजा जाएगा। इस ओटीपी के डालते ही शिकायत रजिस्टर्ड हो जाएगी।
कॉपी पीड़ित के ईमेल पर फौरन भेज दी जाएगी
इतना ही नहीं पूरी डिटेल की कॉपी पीड़ित के ईमेल पर फौरन भेज दी जाएगी। उसी दौरान वेबासाइट को हैंडल कर रहा ड्यूटी ऑफिसर केस की पड़ताल करना शुरू कर देगा और केस आईओ (इनवेस्टिगेशन ऑफिसर) को सौंप दिया जाएगा।
आईओ स्वयं पीड़ित से संपर्क करेगा और केस को संबंधित थाने में दर्ज कराया जाएगा। खास बात यह है कि शिकायत साइबर सेल में रजिस्टर्ड होने के साथ ही साइबर सेल की यह जिम्मेदारी होगी कि वह केस संबंधित थाने में दर्ज कराएगा।
यह उत्तर प्रदेश का पहला हाईटेक साइबर लैब है जिसे नोएडा सेक्टर-6 में बनाया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस यह लैब नॉसकॉम (नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनी) के साथ मिलकर नोएडा के सेक्टर-6 में स्थापित की है।
पुलिसकर्मियों को साइबर संबंधित ट्रेनिंग दी जाएगी
खास बात यह है कि इसे सेंटर फॉर एक्सिलेंस फॉर साइबर क्राइम एंड इनवेस्टिगेशन का नाम दिया गया है। जहां से साइबर क्राइम का इनवेस्टिगेशन साइबर एक्सपर्ट करेंगे, साथ ही वहां पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को साइबर संबंधित ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
यहां पर प्रदेश के हर जिले व विंग से पुलिस वाले ट्रेनिंग के लिए आएंगे। अब तक प्रदेश में ऐसा कोई साइबर लैब नहीं बना, जहां पर इनवेस्टिगेशन यूनिट के साथ-साथ साइबर ट्रेनिंग इंस्टी्यूट भी हो।
इतना ही नहीं मूल जांच के लिए साइबर क्राइम से संबंधित बरामद किए गए उपकरणों की जांच के लिए उसे एफएसएल (फारेंसिंग साइंस लेब्रोट्री ) नहीं भेजना पड़ेगा। उसकी जांच नोएडा स्थित सेंटर फॉर एक्सिलेंस फॉर साइबर क्राइम एंड इनवेस्टिेगशन लैब में ही कर ली जाएगी।
नौ मई को इन पुलिस चौकियों का उद्घाटन
-सेक्टर-98
-आम्रपाली सफायर
-सदरपुर
-सेक्टर 82 कट
-सेक्टर-110
-सेक्टर-85
-सेक्टर-126
-सेक्टर-168
‘‘ साइबर अपराध के बढ़ते ग्रॉफ को देखते हुए सेंटर फॉर साइबर क्राइम इनवेस्टिगेशन की स्थापना की गई। यह उत्तर प्रदेश पुलिस का ड्रीम प्रोजेक्ट है। नौ मई को डीजीपी स्वयं नोएडा पहुंच कर सेंटर फॉर साइबर क्राइम इनवेस्टिगेशन, वेबासाइट और नई पुलिस चौकियों का शुभारंभ करेंगे।’’
- दिनेश यादव, एसपी सिटी