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लेटर लिख्ाकर मांगी थी 10 लाख की फिरौती

Sun, 21 Dec 2014 01:12 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Sun, 21 Dec 2014 01:12 AM IST
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wright Letter of 10 million ransom.

विजयनगर थाना क्षेत्र से अगवा हुए 8 साल के गौरव को सकुशल बिजनौर से बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है।

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आरोप है कि गौरव का अपहरण कर उसके परिवार से करीब 10 लाख रुपये फिरौती मांगी गई थी। फिरौती एक पत्र के माध्यम से मांगी गई थी। अपहर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद पुलिस रविवार को खुलासा कर सकती है। एक करीबी संदेह के घेरे में है।
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विजयनगर पुलिस ने बिजनौर स्थित शेरकोट के भगौता गांव में रहने वाले नि:संतान दंपति हरपाल के घर से बच्चे को जब बरामद किया तो खलबली मच गई।

हरपाल ने स्थानीय थाने में सूचना दी कि कुछ बदमाश उनके बच्चे का अपहरण कर ले गए हैं। बाद में पता चला कि बच्चा विजयनगर पुलिस के पास है।

पुलिस ने बिजनौर में हरपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि हरपाल शिक्षक हैं। उन्होंने गौरव को गोद लिया है। हरपाल की पत्नी शैफाली ने बताया कि उन्होंने बालक को मंडावर क्षेत्र के खिरनी गांव के व्यक्ति से गोद लिया था।
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उन्हें उस व्यक्ति ने बालक को अपने साले का पुत्र बताया था। कहा था कि बच्चा अनाथ है। चर्चा यह भी है कि पुलिस ने मंडावर निवासी युवक को भी हिरासत में लिया है।

ये था मामला
गौरव के पिता जसबीर उर्फ रिंकू ने बताया कि वह नोएडा की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में बस चालक हैं। वह सर्वोदय कालोनी में रहते हैं। 23 नवंबर को एक रेंजर साइकिल पर सवार किशोर उनके बेटे को अपने साथ साइकिल पर बैठाकर ले गया था।

आरोप था कि गौरव का अपहरण किया गया है और आरोपियों ने किशोर क ो ढाल बनाकर गौरव का अपहरण किया है। दरअसल यह किशोर पिछले कई दिनों से गौरव के दादा की परचून की दुकान पर आता जाता था, लेकिन गौरव के गायब होने के बाद से वह भी नजर नहीं आया था।

शुक्रिया अमर उजाला
25 नवंबर के अंक में अमर उजाला ने यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई थी। बच्चे को सकुशल पाकर बच्चे खुश हैं, परिवार ने अमर उजाला का शुक्रिया अदा किया है।


फिरौती के पत्र से चला अपहरण का पता
पुलिस पहले इस मामले को अपहरण नहीं मान रही थी, लेकिन गौरव के घर घटना के कुछ दिनों बाद एक धमकी भरा पत्र भेजा गया, जिसमें गौरव के अपहरण की बात लिखी थी और आरोपी ने फिरौती भी मांगी थी। इसके बाद एसपी सिटी के निर्देशन में एक टीम लगाई गई, जिसने गौरव क ो सकुशल बरामद कर लिया है।

अपहर्ताओं का ‘डबल गेम’
पुलिस सूत्रों की मानें तो गौरव के घर फिरौती के लिए पत्र भेजा गया और उधर नि:संतान दंपति को बच्चे की परवरिश करने के लिए कहा गया। ऐसे में चर्चा है कि हरपाल को बच्चा बेचकर आरोपी ने रुपये कमाए और इधर गौरव के पिता रिंकू से फिरौती लेने की तैयारी थी।

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