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चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, जेल से बाहर आते ही करते थे वारदात 

Tue, 05 Apr 2016 12:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Tue, 05 Apr 2016 12:49 PM IST
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thief gang arrested in faridabad
- फोटो : demo

शहर में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने में अपराध शाखा डीएलएफ की टीम को सफलता मिली है। पुलिस ने गिरोह के दो बदमाशों को पकड़ा है। इनके कब्जे से पांच एलईडी टीवी, दो लैपटॉप, सोने-चांदी के जेवरात, नकदी और घरेलू सामान बरामद किया गया है। दोनों ही आरोपी कई वारदातों में जेल की हवा खा चुके हैं और जेल से बाहर आते ही फिर चोरियां करने लगते हैं।

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 अपराध शाखा के प्रभारी सतेंद्र सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि शहर के थाना सेक्टर 55 व मुजेसर इलाकों में पिछले कुछ महीनों से चोरी की वारदातों में बढ़ोतरी हो रही थी। चोरों को पकड़ने के लिए इलाके में गश्त करने के अलावा सभी पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए। जिसके आधार पर  संजय कॉलोनी निवासी राजेश, राहुल उर्फ पप्पू को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया।
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पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चोरी की छह वारदातों को अंजाम देने की बात कबूली है। रिमांड के दौरान आरोपियों ने बताया कि चोरी किया गया सामान यूपी के टप्पल में बेचा जाता था। बदमाशों को लेकर पुलिस जल्द ही टप्पल रवाना होगी।
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इस बार कड़ा शिकंजा
अपराध शाखा प्रभारी ने बताया कि दोनों आरोपियों का पिछला रिकॉर्ड चेक किया गया तो पता चला कि दोनों ही पेशेवर चोर हैं। इससे पहले फरीदाबाद में ही 30 से ज्यादा वारदातों में गिरफ्तार हो चुके हैं। दोनों कई बार जेल गए और बाहर आते ही फिर चोरी करने लगे।  इस बार आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए आईपीसी अतिरिक्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत दोगुनी सजा का प्रावधान है और जल्द जमानत भी नहीं मिलेगी।

 
चोरी को बनाया पेशा
सबसे पहले इन दोनों चोरों ने वर्ष 2010 में एक मोटर साइकिल चोरी कर अपराध जगत में कदम रखा। इसके बाद इन दोनों ने वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देना शुरू किया। इसके बाद हौसला इतना बुलंद हो गया कि घरों व दुकानों को निशाना बनाने लगे। पुलिस के मुताबिक दोनों करीब 12 मामलों में अदालत से सजा पा चुके हैं। 

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