बुलंदशहर गैंगरेप पीड़ित परिवार की सुरक्षा बढ़ी, आईजी ने रातों-रात बदले विवेचनाधिकारी
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बुलंदशहर गैंगरेप मामले में पीड़ित परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बुधवार को परिजनों ने आरोप लगाया था कि कुछ सपा नेता उन्हें जबरन लखनऊ ले जाने का दबाव बना रहे हैं।
बृहस्पतिवार को इस संबंध में खबरें प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया और डीएम निधि केसरवानी के आदेश पर पीड़ित परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई। डीएम ने बताया कि उनकी जानकारी में यह बात आई है कि पीड़ित परिवार ने कुछ लोगों पर दबाव बनाने की बात कही है।
इसके अलावा यह भी पता चला है कि कुछ असरदार लोग पीड़ित परिवार को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी के चलते इस परिवार की सुरक्षा अब बढ़ा दी गई है। पुलिस बल के साथ ही यहां अतिरिक्त संख्या में महिला कांस्टेबल भी तैनात की गई हैं।
आईजी ने रातों-रात बदल दिए विवेचनाधिकारी
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आदेश पर जांच मिलने के बाद आईजी मेरठ जोन सुजीत पांडेय बुधवार देर रात बुलंदशहर पहुंचे। आईजी ने देहात कोतवाली के एसएसआई भंवरपाल सिंह से विवेचना नगर कोतवाल आरके सिंह को सौंप दी।
आईजी ने मौका-ए-वारदात का निरीक्षण किया। साथ ही हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद आईजी ने कुछ पुलिसकर्मियों के बयान भी दर्ज किए।
29 जुलाई की रात कार द्वारा नोएडा से शाहजहांपुर जा रहे दो परिवारों को हाईवे पर दोस्तपुर के निकट रोककर बदमाशों ने हथियारों के बल पर बंधक बनाया। नगदी-चेन लूटने के बाद मां-बेटी से गैंगरेप किया था।
आईजी सुजीत पांडेय ने हाईवे पर जाना सुरक्षा का सच
मामला लखनऊ तक गूंजा तो मुख्यमंत्री के आदेश पर आईजी मेरठ जोन सुजीत पांडेय को जांच सौंपी गई। बुधवार रात करीब 10:30 बजे आईजी सुजीत पांडेय बुलंदशहर पहुंचे।
वहां उन्होंने घटनास्थल के आसपास हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था और पेट्रोलिंग की जानकारी ली। कुछ पुलिसकर्मियों से पूछताछ करने के बाद जांच अधिकारी ही बदल दिया।
आईजी ने मामले की जांच नगर कोतवाल आरके सिंह को सौंपी है। एसओ कोतवाली देहात रामेश्वर सिंह ने बताया कि विवेचना बदले जाने की जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक आदेश नहीं आया है।