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एलआईसी एजेंट चौहान की न्यायिक हिरासत बढ़ी, पांच करोड़ रुपये बीमा में निवेश करवाने का आरोप
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 05 Jan 2017 12:08 AM IST
सार
नोट हिमाचल प्रदेश के लिये महत्वपूर्ण
एलआईसी एजेंट चौहान की न्यायिक हिरासत बढ़ी
वीरभद्र के पांच करोड़ रुपये बीमा में निवेश करवाने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो,
नई दिल्ली, 04 जनवरी
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से जुड़े पांच करोड़ के मनी लांड्रिंग मामले में आरोपी बीमा एजेंट आनंद सिंह चौहान की न्यायिक हिरासत अदालत ने बुधवार को 12 जनवरी 2017 तक बढ़ा दी। चौहान की जमानत याचिका हाईकोर्ट में लंबित है। इस पर फैसला आने के बाद आरोपों पर बहस शुरु होगी।
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पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज विनोद कुमार ने आनंद चौहान की न्यायिक हिरासत 12 जनवरी 2017 तक बढ़ा दी। प्रवर्तन निदेशालय ने चौहान को चंडीगढ़ से आठ जुलाई 2016 को गिरफ्तार किया था।
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बता दें कि चौहान पर वीरभद्र सिंह के पांच करोड़ रुपये जीवन बीमा में निवेश करवाने का आरोप है। अदालत ने ईडी की चार्जशीट पर सात सितंबर 2016 को संज्ञान लेते हुये कहा था कि उसे इस मामले की सुनवाई का पूरा अधिकार है। एजेंसी ने तीन हजार पन्नों की चार्जशीट मनी लांड्रिंग प्रीवेंशन एक्ट (पीएमएलए) के तहत चार्जशीट दाखिल की थी।
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एजेंसी का आरोप है कि चौहान ने वीरभद्र सिंह से करीब 5.14 करोड़ रुपये कैश लिया और अपने पंजाब नेशनल बैंक के खाते में जमा करवाया और उसके बाद वीरभद्र व उनके परिजनों के नाम पर बीमा पॉलिसी खरीद कर निवेश कर दिया बैंक खाते में मोटी रकम जमा होने के कारण वह आयकर विभाग की नजर में आ गया।
आयकर विभाग ने चौहान के खिलाफ 2011 में जांच शुरु की थी। जांच एजेंसी का कहना है कि वीरभद्र सिंह ने 2009 से 2011 के बीच केंद्रीय इस्पात मंत्री रहते हुये करीब छह करोड़ की अघोषित संपत्ति अर्जित की थी। यह संपत्ति उनकी घोषित आय से अधिक थी। सीबीआई भी वीरभद्र के खिलाफ जांच कर रही है।