गर्लफ्रेंड पाने को प्लास्टिक सर्जरी कराने वाला था आशिक, फिर क्यों बना जेहादी
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19 साल का मैकेनिकल इंजीनियरिंग का छात्र आशिक अहमद उर्फ राजा ने खुलासा किया है कि वो अपने प्यार को पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार था। एक समय तो उसने तय कर लिया था कि, वो अपनी हिंदू गर्लफ्रेंड को पाने कि लिए अफगानिस्तान जाकर अफीम की खेती करेगा और उसे बेचकर जो पैसे मिलेंगे उससे प्लास्टिक सर्जरी कराकर अपनी प्रेमिका के साथ रहेगा।
आशिक उन 14 लोगों में से एक है जिन्हें एनआईए ने 24 जनवरी 2016 को आईएस के संदिग्ध आतंकी होने के शक में पकड़ा था। आशिक ने एनआईए को बताया कि वह अपनी हिंदू गर्लफ्रेंड का धर्मांतरण चाहता था लेकिन वो न तो अपना धर्म बदलना चाहती थी और न ही आशिक के लिए अपना परिवार छोड़ना चाहती थी।
इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक खबर के अनुसार एनआईए का आरोप था कि गिरफ्तार संदिग्ध आईएस के संपर्क में रहकर बम बनाना सीख रहे थे। इन लोगों की गिरफ्तारी के बाद एनआईए की तरफ से सबूत भी दिखाए गए थे।
'दोस्त भी करता था उसी लड़की से प्यार'
एनआईए को दिए बयान में पश्चिम बंगाल निवासी आशिक ने कबूल किया है कि जब वो 11वीं और 12वीं में पढ़ रहा था तब उसका एक लड़की से अफेयर था। आशिक बताता है कि, 'मैं उससे दिलोजान से प्यार करता था। मेरा एक और दोस्त भी उस लड़की से प्यार करता था और उसने लड़की को प्रपोज भी कर दिया था। इस बात पर मैं अपने दोस्त से झगड़ा भी कर बैठा था।'
आशिक ने आगे बताया, 'इसके बाद मेरे दोस्त ने इस बारे में लड़की के घरवालों को भी बता दिया। तब लड़की के पिता हमारे स्कूल आए और खूब हंगामा किया। इसके बाद तो लड़की ने भी हमारा रिश्ता खत्म कर लिया। उसने मुझे बताया कि वो मेरे लिए अपने धर्म और अपने लोगों को नहीं छोड़ सकती।'
'तब मैंने सोचा था कि मैं प्लास्टिक सर्जरी करा लूंगा और अपना धर्म व नाम बदलकर लड़की के परिवार से मिलूंगा। इसके लिए मैंने अफगानिस्तान जाकर अफीम के खेती से पैसे कमाने की सोची।'
'मैं इरानी दरगाह के पास लगे एक मेले में गया जहां से मैंने इमाम महदी की किताब खरीदी।' इस किताब से आशिक को अफगानिस्तान और खोरासन के बारे में जानने को मिला और जिज्ञासा जगने के बाद उसने खोरासन के बारे में और सर्च की इसी दौरान उसका वास्ता मसूद अजहर के भाषणों से हुआ। यहीं से उसे इमाम महदी के काले झंडे के बारे में पता चला।
अफगानिस्तान की खोज में जेहादियों के संपर्क में आ गया आशिक
एक समय तो आशिक ने फेसबुक आईडी बनाकर एआईएमआईएम में शामिल होने की भी सोची लेकिन वो ऐसा नहीं कर सका। इसके कुछ दिनों बाद आशिक ने मुजाहिद इस्लाम नाम से फेसबुक आईडी बनाई, जिसपर उसका संपर्क 2015 में यूपी के मोहम्मद जाहिद से हुआ। जिसने मुस्लिमों पर हो रहे जुल्म की बात कहकर जेहाद करने की बात कही।
आशिक ने अपने बयाने में ये भी कहा है कि वह भारत में आईएस की गतिविधि संचालित करने वाले कथित आंतकी संगठन एयूटी से भी संपर्क में था। अहमद ने आशिक को बताया था कि वह ‘अनसर-उत ताविद फी बिलाद अल-हिंद’ के नाम के एक संगठन का मुखिया है।
वहीं, एनआईए को शक है कि अहमद अली और कोई नहीं बल्कि शफी अरमर ही था, जो कि हाल में यूएस ड्रोन हमले में मारा गया। शफी को आईएस का इंडिया का हेड बताया जाता रहा है। अपने बयान में आशिक ने कहा, ‘मैंने अहमद से पिस्टल मांगी और उसे इंप्रेस करने के लिए अपने घर के पास वाले मंदिर की एक फोटो भी भेजी। मैंने कहा कि हम लोग वहां पर ब्लास्ट कर सकते हैं।
पर, बदले में उसने कहा कि वे इतना छोटा काम नहीं करते।’ आशिक ने बताया कि अहमद ने उससे कहा था कि वे लोग पहले शियाओं को मारेंगे। उनकी प्लानिंग इंडियन मुजाहिद्दीन के चीफ यासीन भटकल को छुड़वाने की भी थी। आशिक ने बताया कि उसे जासूसी करना, तैरना और नक्शे बनाने की ट्रेनिंग लेने के लिए कहा गया था।