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एमबीबीएस में एडमिशन दिलाने के नाम पर 40 लाख ठगे

Wed, 11 Jan 2017 03:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Wed, 11 Jan 2017 03:35 PM IST
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in the name of MBBS admission, cheated 40 million
fraud

मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सेंट्रल पूल कोटे से एमबीबीएस में एडमिशन दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति ने 40 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने दोनों विद्यार्थियों को एडमिशन लेने के लिए गोवा स्थित मेडिकल कॉलेज भिजवा दिया। कॉलेज प्रबंधन ने किसी भी तरह का कोटा नहीं होने की बात कहकर दोनों विद्यार्थियों को लौटा दिया। पीड़ित ने सेंट्रल थाने में केस दर्ज करवाया है। 

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ओल्ड फरीदाबाद में रहने वाले इंजीनियर ग्यासीराम का बेटा और पन्हैड़ा गांव में रहने वाले उनके साले का बेटा मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। ग्यासीराम के मुताबिक पन्हैड़ा गांव में ही रहने वाले दीपक शर्मा की उनके ससुराल वालों से अच्छी जान पहचान है। दीपक ने बताया कि उसकी फेमिली की हेल्थ वेलफेयर विभाग के डायरेक्टर से अच्छी जान पहचान है, वह दोनों बच्चों का सेंट्रल पूल कोटे से एमबीबीएस में एडमिशन करवा देगा।
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विश्वास जताने के लिए दीपक ने उन्हें एक डिपार्टमेंट का प्रिंट किया हुआ फार्म दिखाया और फोन पर एक व्यक्ति से बात कराई, जिसे उसने विभाग का चीफ डायरेक्टर बताया। झांसे में लेने के बाद दीपक ने सेक्टर 16 शुभम प्लाजा स्थित एक साइबर कैफे से ई-मेल करवाकर फार्म भरने के नाम पर रुपये की मांग की। उन्होंने दो बार में 25 हजार रुपये फार्म के लिए जमा करवाए।
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करीब तीन माह पहले दीपक ग्यासीराम और उनके साले उमेद शर्मा को लेकर एक एजेंट से मिलवाले मालवीय नगर दिल्ली ले गया। उन्हें एजेंट की बातों पर शक हुआ लेकिन दीपक ने उमेद को झांसा देकर मना लिया। विश्वास दिलाने के लिए दीपक एक दिन उमेद को एम्स दिल्ली ले गया। वहां किसी नकली डायरेक्टर और डॉक्टर से मिलवाया।


बताया कि डायरेक्टर पूरे भारत के मेडिकल कॉलेज की देखरेख करता है इसलिए उसके पास ज्यादा समय नहीं है। डायरेक्टर ने एडमिशन केे लिए बच्चों को गोवा के मेडिकल कॉलेज भेजने को कहा। दीपक शर्मा ने दोनों बच्चों के एडमिशन के लिए 40 लाख रुपये लिए और उन्हें गोवा ले गया। वहां करीब एक माह तक दोनों बच्चों को यह कहकर घुमाता रहा कि बंगलुरू से आकर डायरेक्टर ही उनका एडमिशन दिलाएंगे।



समय बीतने पर दोनों विद्यार्थी खुद ही मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। कॉलेज प्रबंधन ने किसी भी तरह का कोटा होने से इनकार किया और बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफल होने वाले विद्यार्थियों को ही अलॉट होने के बाद कॉलेज में एडमिशन मिलता है। एसएचओ सेंट्रल थाना इंस्पेक्टर हंसराज ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है जल्द ही आरोपी को पकड़ा जाएगा। ---

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