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मोर्चरी पर पुलिस ने परिजनों को दौड़ाकर पीटा
अमर उजाला, विजयनगर
Updated Fri, 16 Jan 2015 12:25 AM IST
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नोएडा में तैनात एचसीपी की पुत्रवधू की बृहस्पतिवार को रहस्यमय हालात में मौत हो गई। मृतका के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ससुरालियों के साथ मिलकर दहेज हत्या के केस को आत्महत्या बताने में जुटी रही।
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विरोध करने पर पुलिसवालों ने मोर्चरी पर मायकेवालों को दौड़ाकर पीटा। दूसरी तरफ, पुलिस का कहना है कि मायकेवालों ने पति के सिपाही से रिटायर्ड ताऊ को पीटा और शव छीनकर संभल में पोस्टमार्टम कराने को कहने लगे।
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पुलिस ने मृतका के सास, ससुर, पति और देवर के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज पति और एचसीपी ससुर को गिरफ्तार कर लिया है।
संभल के गुन्नौर थानाक्षेत्र में रूपराम रहते हैं। उन्होंने बेटी मीरा उर्फ नीरज (25) का विवाह 23 अप्रैल 2014 को मोहित गौतम पुत्र सतीश गौतम से किया था।
सतीश गौतम का परिवार प्रताप विहार एच ब्लॉक में रहता है, मूलरूप से हाथरस शहदाबाद लालगढ़ी के रहने वाले हैं। सतीश पत्नी पुष्पा, बडे़ बेटे मोहित और छोटा बेटा मोंटी हैं।
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सतीश यूपी पुलिस में एचसीपी हैं, नोएडा में तैनाती है। मोहित इंदिरापुरम स्थित आदित्य मॉल में सेल्स डिपार्टमेंट में तैनात है। सतीश की पुत्रवधू मीरा की बृहस्पतिवार सुबह रहस्यमय हालात में मौत हो गई।
सतीश ने बताया कि मीरा ने दुपट्टे से फंदा लगाकर आत्महत्या की है। सुसाइड नोट नहीं मिला है। दूसरी ओर बेटी की मौत की सूचना पर पहुंचे मायके वालों का कहना है कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती।
दहेज की खातिर ससुरालियों ने उसे मार डाला। दहेजलोभी ससुरालवाले कार और पांच लाख रुपये मांग रहे थे। परिजनों ने विजयनगर पुलिस पर आरोपी पुलिसवाला होने के कारण आरोपियों से साठगांठ करने का आरोप लगाया।
हिंडन मोर्चरी पर जब शव क ो पीएम के लिए लाने वाले पुलिसकर्मी देरी से पहुंचे तो मायके वालों ने विरोध जताया। इस दौरान पुलिस और परिजनों में धक्कामुक्की हुई।
इस पर भड़के पुलिसवालों ने मृतका के भाई प्रवेश को हिंडन मोर्चरी पर दौड़ा दौड़ाकर पीटा। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि इस दौरान सीओ और एसओ भी मौके पर थे।
प्रवेश को बचाने आए परिवार के लोगों को भी पुलिसवालों ने नहीं बख्शा। दूसरी तरफ, एसएचओ अवधेश यादव का कहना है कि मायके वाले शव को संभल ले जाकर पोस्टमार्टम कराने पर अड़े थे। उन्होंने शव छीनकर ले जाने की भी कोशिश की। आरोपी पति के ताऊ के साथ भी मारपीट की।
मायकेवाले बोले, मांगे थे मकान बनवाने के लिए पांच लाख और बेटे के लिए कार
मृतका के पिता रूपराम ने बताया कि 17 दिसंबर 2014 को ससुरालियों द्वारा मांग करने पर उन्हें 2 लाख रुपये दिए गए। इसके कुछ दिनों बाद 3 लाख दोबारा दिए गए। इसके बावजूद एचसीपी नहीं माना।
उसने प्रताप विहार स्थित मकान को बनवाने के लिए पांच लाख रुपये और बेटे के लिए एक कार की मांग की थी। पैसे और कार न मिलने पर विवाहिता को जान से मारने की धमकी दी थी।
आखिरकार मेरी बेटी को मार ही डाला
पीड़ित पिता ने बताया कि उनकी बेटी को शादी के बाद ही ससुराल वालों ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। साथ में आए मायके पक्ष के अन्य लोगों से वो बार बार कह रहे थे।
बेटी ने ससुरालियों की प्रताड़ना को शुरुआत में सहा, लेकिन जब हद हो गई तो इसकी शिकायत परिजनों से कर दी। इसके बाद तो ससुरालिये दहेज की मांग को लेकर आए दिन प्रताड़ित करने लगे।