फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Engineer's wife suicide.

इंजीनियर की पत्नी ने फंदा लगाकर जान दी

Mon, 10 Nov 2014 01:12 AM IST
अमर उजाला, वैशाली
अमर उजाला, वैशाली Updated Mon, 10 Nov 2014 01:12 AM IST
विज्ञापन
Engineer's wife suicide.

सेक्टर-6 निवासी महिला ने इंजीनियर पति से मामूली कहासुनी के बाद शनिवार दोपहर को घर के कमरे में पंखे से लटककर जान दे दी। पति जब दोपहर को खाना खाने घर पहुंचे तो घटना का पता चला।

विज्ञापन


घटनास्थल पर ही एक सुसाइड नोट पड़ा मिला, जिसमें महिला ने पति के साथ विवाद के बाद सुसाइड करने की बात लिखी है। उधर, महिला के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। हालांकि लिखित शिकायत पुलिस को नहीं दी गई है।
विज्ञापन


नोएडा की मल्टीनेशनल कंपनी में इंजीनियर आशुतोष दीक्षित वैशाली सेक्टर-6 के प्लॉट संख्या एक में पत्नी अर्चना (38) और दो बेटे अरनव (8) और अरव (3) के साथ रहते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन


शनिवार सुबह ऑफिस जाने से पहले उनका और पत्नी का किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। इसके बाद आशुतोष ऑफिस चले गए। दोपहर करीब ढाई बजे जब वह लौटे तो घर का दरवाजा बंद था।

आशुतोष के अनुसार जब उन्होंने दरवाजे पर धक्का मारा तो वह खुल गया। अंदर कमरे में पहुंचे तो अर्चना पंखे से बंधी चुन्नी से लटकी हुई थी।



उन्होंने तुरंत अर्चना को नीचे उतारा और पास के निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी।

एसओ इंदिरापुरम ने बताया कि जांच में मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें पति के साथ विवाद को सुसाइड का कारण बताया गया है। एसओ ने बताया कि घटनास्थल पर पहुंचे कुछ रिश्तेदारों ने पति आशुतोष पर अर्चना को परेशान करने और हत्या का आरोप लगाया है।

मैं आपको खुश नहीं रख सकी, इसलिए जीने के लायक नहीं
एसओ ने बताया कि अर्चना ने सुसाइड नोट में लिखा है ‘मैं आपको खुश नहीं रख सकी, इसलिए जीने के लायक ही नहीं। इसलिए अब आत्महत्या ही एकमात्र रास्ता बचा है’।

दोनों की शादी करीब 10 साल पहले हुई थी। शादी के बाद से ही दोनों के बीच विवाद होता था। पुलिस के अनुसार अर्चना सहारनपुर की रहने वाली है।

विवादों को छोड़ें नहीं निकालें हल
भागदौड़ भरी जिंदगी और करियर में सफलता की दौड़ में लोग परिवार को समय ही नहीं देते। पति-पत्नी समय के अभाव में विवादों पर बात ही नहीं करते।

एक समय दूरियां इतनी बढ़ जाती हैं कि अकेलापन महसूस होता है और व्यक्ति सुसाइड जैसा कदम उठा लेता है। ऐसे में जरूरत है कि हर छोटे से छोटे विवाद का हल बातचीत से निकाला जाए। अपने साथ जुड़े परिवार के अन्य लोगों के भविष्य के बारे में भी सोचा जाए। -डा. अमिताभ साहा, मनोचिकित्सक

सुसाइड के पुराने मामले
31 जनवरी 2014: खोड़ा के आजाद विहार में निजी कंपनीकर्मी ने पंखे से लगाया फंदा
18 जनवरी 2014: कौशांबी के नंदा टॉवर में बायोटेक छात्रा ने फंदा लगा किया सुसाइड
10 दिसंबर 2013: पत्नी से कलह के चलते शहीदनगर निवासी युवक ने जान दी
01 दिसंबर 2013 : महागुन मोजैक में युवक ने फदा लगाकर की आत्महत्या

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed