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मानसिक रूप से बीमार डॉक्टर ने फांसी लगाकर जान दी
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Sun, 18 Dec 2016 05:42 PM IST
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suicide
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फिरोजपुर झिरका थानांतर्गत गांव चकरंगाला स्थित एक मीट फैक्ट्री के 26 वर्षीय वेटनरी डॉक्टर यशवंत कुमार साहू ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ वर्षों से यशवंत मानसिक रूप से बीमार थे और उनका उपचार चल रहा था।
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राजस्थान के अलवर जिला के रामगढ़ कस्बा के रहने वाले वेटनरी सर्जन डॉ. यशवंत कुमार साहू की बहन का शनिवार को दिल्ली में पेपर था। उनके माता एवं पिता कृष्ण मुरारी साहू उसकी बहन का पेपर दिलाने के लिए दिल्ली चले गए थे।
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जबकि यशवंत चकरंगाला पर बस में से यह कहकर उतर गया कि वह शनिवार को फैक्ट्री पर ही नाइट स्टे करेगा। शाम पौने सात बजे उसने फैक्ट्री में कहा कि वह अपने कमरे पर जा रहा है और उसका खाना वहां पर पहुंचा देना।
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जब सेवादार उसके कमरे पर खाना लेकर गया तो उसने डॉ. यशवंत को फांसी पर झूलते देखा। उसने भागकर फैक्ट्री के अन्य कर्मचारियों को जानकारी दी और उसके परिजनों को बुलाया गया।
घटना की सूचना मिलते ही रात्रि को ही डीएसपी यादराम बिशभनोई, थाना प्रबंधक रोहताश कुमार, एएसआई सतबीर, एएसआई महेंद्र सिंह मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने 174 की कार्रवाई कर यशवंत कुमार के शव का अल-आफिया में पंचनामा करवाकर शव उसके परिजनों को सौंप दिया।
कार्यकारी थाना प्रबंधक सतबीर ने बताया कि यशवंत कुमार के पिता कृष्ण मुरारी ने बताया कि वर्ष 2012 से उनका बेटा मानसिक रूप से बीमार चल रहा था। उसका अलवर व जयपुर में उपचार चल रहा था।