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फाइनेंसर की हत्या में दो शूटर व बॉडीगार्ड गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 04 Feb 2017 12:12 AM IST
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पुलिस की अपराध शाखा ने फाइनेंसर की हत्या में दो शूटर समेत आरोपी फाइनेंसर के बॉडीगार्ड व पार्ट टाइम पार्टनर को गिरफ्तार किया है। हत्या की साजिश आरोपी फाइनेंसर ने अपने बॉडीगार्ड के साथ रची थी। पकड़े गए दोनों शूटर मेरठ के रहने वाले हैं। शूटरों को हथियार आरोपी फाइनेंसर ने ही उपलब्ध कराए थे।
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अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव के अनुसार गीता कॉलोनी थाना इलाके में पिछले साल 23 अक्तूबर को फाइनेंसर विनोद शर्मा उर्फ वीनू पंडित की गोलियां मारकर उसके कार्यालय हत्या कर दी गई थी। जांच में पता लगा था कि फाइनेंसर की हत्या उसके पार्टनर आकाश व उसके बॉडीगार्ड दिलशाद निवासी खजुरी खास ने सुपारी देकर करवाई थी।
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पुलिस ने इस मामले में आकाश, शूटर मो. कामिल, मो. नाजिम और मो. कमर को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं बॉडीगार्ड दिलशाद व तीन आरोपी फरार थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद बीते 6 जनवरी को मामला लोकल पुलिस से लेकर अपराध शाखा को सौंप दिया गया।
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फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इंस्पेक्टर पंकज सिंह की विशेष टीम बनाई गई। पुलिस को जांच में पता लगा कि दिलशाद कई बार डासना जेल गया है। जेल रिकार्ड से पता लगा कि वह जेल में वसीम से मिला था।
आखिरकार पुलिस टीम ने 1 फरवरी को सुरजमल पार्क से दिलशाद (27), मोहल्ला साबुन ग्राम गुजरी बाजार, मेरठ निवासी फारूख (24) और मोहल्ला करमाली, गुजरी बाजार मेरठ निवासी बिलाल तनसीर (25) को गिरफ्तार कर लिया।
विवाद होने पर करवाई विनोद शर्मा की हत्या
आकाश पेशे से फाइनेंसर और ऊंची ब्याज दरों पर लोगों को पैसे देता था। दिलशाद उसका बॉडी गार्ड था। कुछ मुद्दों को लेकर विनोद व आकाश का विवाद हो गया था। आकाश ने दिलशाद के साथ मिलकर विनोद शर्मा की हत्या की साजिश रची। दिलशाद ने सुपारी देने के लिए वसीम से संपर्क किया।
इस दौरान पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में वसीम पकड़ा गया। दिलशाद वसीम से मिलने डासना जेल गया। वसीम ने उसे मजहर आदि से संपर्क करने को कहा। दिलशाद ने मजहर से मिलकर विनोद की हत्या की साजिश रची। कॉट्रेक्ट किलर रेकी कर पूर्वी के होटल में ठहर गए थे।
यहां पर आकाश ने उन्हें दो देशी कट्टे, कारतूस, दो मोटरसाइकिल व एक मोबाइल दिया। 23 अक्तूबर को ऑफिस में गोली बरसाकर विनोद की हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद ये दोनों पिस्टल को मौके पर ही फेंक दिए गए।