गाजियाबाद: बैंक कर्मियों से साठगांठ कर खाते से उड़ाए 90 लाख रुपये, दो गिरफ्तार
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दिल्ली से सटे गाजियाबाद स्थित बैंक कर्मचारियों से साठगांठ करके 90 लाख रुपये निकालने वाले दो शातिरों को मसूरी थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों का एक साथी बैंक कर्मचारियों से सेटिंग रखता था। वह उसे अकाउंट में अधिक पैसे होने की जानकारी देता था। उसके बाद प्लानिंग के तहत रकम निकाली जाती है। बैंक मैनेजर समेत कई के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के मुख्य आरोपी आलम उर्फ हकीम को पकड़ने के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
कल्लूगढ़ी निवासी तैय्यब खां का डासना के यूनियन बैंक आफ इंडिया शाखा में बचत खाता था। उनके खाते में जमीन के 1.13 करोड़ रुपये जमा हुए थे। 4 जुलाई 2019 को तैय्यब ने मसूरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका एक मोबाइल नंबर दो साल से बंद था। नंबर को चालू कराकर एटीएम के माध्यम से 1.13 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं। उन्होंने शाखा प्रबंधक से लेकर अन्य कर्मचारियों पर साठगांठ का आरोप लगाया था।
पुलिस ने बैंक मैनेजर समेत कई के खिलाफ 420 का मुकदमा दर्ज कर लिया था। एसपी देहात नीरज कुमार जादौन और सीओ सदर अंशु जैन ने बताया कि मसूरी थाना प्रभारी नरेश कुमार सिंह ने टीम के साथ शनिवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम सुनील तिवारी और सूरज मंडल उर्फ सम्मी बताया। एसपी देहात ने बताया कि आरोपियों के उक्त खाते से फर्जी तरीके से निकाले गए 7.95 लाख रुपये बरामद किए हैं।
हकीम देता था बैंक की जानकारी
आरोपी सुनील और सम्मी ने बताया कि कुछ समय पहले उनकी मुलाकात मेरठ निवासी अजय नाम के व्यक्ति से हुई थी। तीनों की मित्रता हो गई। अजय ने बताया था कि शिवपुरी मदीना मस्जिद के पास खतौली मुजफ्फरनगर में आलम उर्फ हकीम नाम का व्यक्ति उसका परिचित है। वह बैंक से साठगांठ करके ऐसे खातों की जानकारी देता है, जिनमें बड़ी राशि होती है। हकीम ने ही बताया था कि तैय्यब के खाते में 1.13 करोड़ रुपये से अधिक जमा हैं। उन रुपयों को बैंक से निकाला जा सकता है।
एक मोबाइल कंपनी कर्मी से सेटिंग, दो साल से बंद पड़े नंबर को कराया चालू
एसपी देहात ने बताया कि खाते से रुपये निकालने के लिए सभी ने प्लानिंग तैयार की। हकीम को जानकारी थी कि तैय्यब का दो वर्ष पहले बंद हो चुका नंबर बैंक में फीड है। यदि रुपये निकाले जाएंगे तो उनके पास मैसेज नहीं पहुंचे। पैसों के बारे में जानकारी भी नहीं हो सकेगी।
उन्होंने तैय्यब का फर्जी आधार कार्ड बनवाकर दो साल से बंद पड़े नंबर को संबंधित मोबाइल कंपनी के कर्मचारी से सेटिंग करके चालू कराया। उसके बाद तैय्यब की एक फर्जी मेल आइडी भी तैयार की। उस आईडी से बैंक को मेल भी किया गया। मेल में लिखा कि मैं सूरज मंडल नाम के एक व्यक्ति को भेज रहा हूं। उसे मेरा एटीएम कार्ड दे दिया जाए। इसके बाद सम्मी सूरज मंडल बन कर बैंक गया और फर्जी आधार कार्ड दिखाकर तैय्यब का एटीएम कार्ड ले आया।
तीन बैंक में खुलवाए खाते, 90 लाख किए ट्रांसफर
शातिरों ने अंकुर के नाम से तीन बैंकों में अकाउंट खुलवाए। एक अकाउंट एचडीएफसी बैंक, दूसरा एक्सिस बैंक व तीसरा एक अन्य बैंक में खुलवाया। आरोपियों ने तीन बैंक में खाते खुलवाने के बाद करीब 90 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। कई लोगों में यह पैसा बांट लिया गया।
20 लाख रुपये सुनील, 10 लाख हकीम, 11 लाख सम्मी, 10 लाख मीना, 10 लाख से ज्यादा अजय और अंकुर को दिए गए। इस तरह से सारे पैसे को बांट लिया गया। पुलिस ने दो आरोपियों से 7.95 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं।
बैंक ने किया फर्जीवाड़ा
एसपी देहात नीरज कुमार जादौन ने बताया कि इस मामले में बैंक का फर्जीवाड़ा भी सामने आ रहा है। अंकुर के खातों में 90 लाख ट्रांसफर किया गया था, तो उन्हें इसकी जानकारी करनी चाहिए थी। इतनी मोटी रकम दूसरे के अकाउंट में कैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों को फिर से हकीम ने नया काम बताने के लिए बुलाया था।
वह इस धनराशि को लेकर जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बैंक प्रबंधक विनिता प्रतिभा जैन, आलम उर्फ हकीम और अंकुर कुमार समेत अन्य के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। उन्हें पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।