फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   crime news Bulandshahr Aurangabad Police put fake allegations against man

गाजियाबाद: पुलिस की रंजिश, युवक को फर्जी ढंग से बना दिया लुटेरा, जांच में गलत पाए गए आरोप

Sun, 22 Sep 2019 11:23 AM IST
Prachi Priyam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: Prachi Priyam Updated Sun, 22 Sep 2019 11:23 AM IST
विज्ञापन
crime news Bulandshahr Aurangabad Police put fake allegations against man
सांकेतिक तस्वीर

बुलंदशहर के औरंगाबाद स्टेट हाइवे पर गत 11 सितंबर को हुई लूट के मामले में एक युवक की नामजदगी गलत पाई गई है। परिजनों की शिकायत पर एएसपी रविंद्र कुमार ने प्रकरण की गोपनीय जांच की। जांच में पाया गया कि औरंगाबाद थाना पुलिस द्वारा उक्त युवक को फर्जी ढंग से लुटेरा बना दिया गया है। आईपीएस ने नामजद युवक को क्लीन चिट देते हुए स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये हैं। साथ ही पूरे मामले में एसएसपी को रिपोर्ट भेजी गई है।

विज्ञापन


बता दें कि शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव बादशाहपुर पंचगाई निवासी जितेंद्र से नरसैना जाते समय गत 11 सितंबर को औरंगाबाद क्षेत्र के गांव इस्माइला के पास बाइक सवार चार बदमाशों ने हथियारों के बल पर तीन हजार रुपये की नगदी और मोबाइल लूट लिया था। मामले में पीड़ित ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 
विज्ञापन


पुलिस ने 18 सितंबर को जहांगीराबाद कोतवाली के गांव कुरैना निवासी युवक सागर पुत्र महीपाल को लूट का खुलासा करते हुए जेल भेज दिया था। जबकि तीनों अज्ञात बदमाशों के नाम पुलिस ने आरोपी सागर के कहने पर दर्ज किये थे। यही नहीं, गत 17 सितंबर को केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान पूर्व केबिनेट मंत्री रहे मरहूम सईदुल हसन के पौत्र हुसैन अली के आवास पर आये हुए थे। इस दौरान सागर के परिजनों ने राज्यपाल से मिलकर अपने बेटे की फर्जी नामजदगी की शिकायत की थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

राज्यपाल से शिकायत होने से बौखलाकर थाना पुलिस ने सागर को 18 सितंबर की सुबह चार बजे मुठभेड़ में गिरफ्तारी दिखाकर जेल भेज दिया था। जिसका समाचार 19 सितंबर के अंक में ‘रात में राज्यपाल से शिकायत, सुबह युवक को मुठभेड़ के बाद भेजा जेल’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसमें गांव मैथना जगतपुर निवासी हेमंत शर्मा पुत्र संतोष शर्मा भी नामजद था।

परिजनों की शिकायत के बाद हुआ खुलासा

20 सितंबर को गांव मैथना जगतपुर निवासी 40-50 ग्रामीण एकत्रित होकर एसएसपी संतोष कुमार सिंह से मिले और इंस्पेक्टर पर निर्दोष युवक को लूट के मामले में फर्जी फंसाये जाने की शिकायत की। एसएसपी ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे प्रकरण की जांच एएसपी रविन्द्र कुमार को सौंपी। एएसपी रविन्द्र कुमार करीब तीन बजे गांव मैथना जगतपुर में पहुंचे और वहां अपनी गोपनीय जांच पड़ताल की। एएसपी ने अलग-अलग समुदाय के लोगों से बारीकी से मामले में छानबीन की। बाद में पुलिस द्वारा बनाये गये लुटेरे के घर पहुंचकर जांच पड़ताल की। जांच में आईपीएस आफिसर को कोई ऐसा क्लू नहीं मिल सका जिससे उसके आरोपी होने का पुख्ता सबूत हो। आईपीएस ने उक्त युवक को मामले में निर्दोष पाया है।

पुलिस द्वारा पकडे़ गये लुटेरे सागर ने हेमंत शर्मा का लूट में रंजिशन नाम लिया था। गांव के अधिकतर लोगों से जांच पड़ताल की गई। जिसमें हेमंत लुटेरा नहीं निकला। इंस्पेक्टर की लापरवाही की रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी गई है। - रविंद्र कुमार, एएसपी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed