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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Crackdown on polluters: 24/7 surveillance via cameras at 125 debris-dumping sites

Delhi NCR News: प्रदूषण फैलाने वालों पर कसेगा शिकंजा, 125 मलबा स्थलों पर कैमरों से 24 घंटे नजर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2026 07:22 PM IST
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सभी 12 जोन में धूल-प्रवण सड़कों की होगी गहन सफाई, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम ने धूल उड़ाने, निर्माण मलबा खुले में डालने और कचरा जलाने वालों के खिलाफ प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया है। इसके तहत सभी 12 जोन में सड़कों की गहन सफाई कराई जा रही है। वहीं, निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) अपशिष्ट की अवैध डंपिंग रोकने के लिए 125 निर्धारित स्थलों पर 360 डिग्री कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गई है। इन कैमरों की सीधी फीड दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को उपलब्ध कराई जाएगी।
नगर निगम ने सभी 250 वार्डों में मलबा के निस्तारण के लिए निर्धारित स्थल चिह्नित किए हैं। इन स्थलों पर धूल नियंत्रण के विशेष इंतजाम अनिवार्य किए गए हैं। मलबे के ढेर से कम से कम तीन मीटर ऊंची धूल और हवा रोकने वाली दीवारें लगानी होंगी। मलबे और पत्थर की गिट्टी को पूरी तरह ढकना या नियमित रूप से गीला रखना जरूरी होगा। इसके अलावा, फाइन-नोजल से पानी का छिड़काव करना और मलबा ढोने वाले वाहनों को पूरी तरह ढकना अनिवार्य किया गया है।
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संयुक्त प्रवर्तन टीमें गठित
नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त प्रवर्तन टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें खुले में जैविक कचरा जलाने, निर्माण गतिविधियों से धूल फैलाने, प्रतिबंधित ईंधन के इस्तेमाल और मलबे की अवैध डंपिंग के मामलों में कार्रवाई करेंगी। निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट से जुड़ी गतिविधियों को मलबा पोर्टल के दायरे में लाने की तैयारी भी की जा रही है, ताकि निगरानी व्यवस्था मजबूत हो सके।
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167 वाटर स्प्रिंकलर और 40 एंटी-स्मॉग गन तैनात
धूल नियंत्रण के लिए सड़कों पर 167 वाटर स्प्रिंकलर और 40 एंटी-स्मॉग गन तैनात की गई हैं। इसके अतिरिक्त, निगम के अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्रों, डंपिंग स्थलों, वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्रों और ऊंची इमारतों पर भी 40 एंटी-स्मॉग गन लगाई गई हैं। इनका संचालन ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) के चरणों के अनुरूप होगा।

निरीक्षण के लिए वाहन उपलब्ध कराए गए
डीपीसीसी की प्रवर्तन टीमों के निरीक्षण के लिए सभी जोन में वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। प्रत्येक जोन को पांच लाख रुपये का अंतरिम बजट दिया गया है। निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने, प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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