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Delhi NCR News: एनसीआर के 1500 से ज्यादा ईंट-भट्ठों पर सीपीसीबी की सख्ती

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2026 08:54 PM IST
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-31 जुलाई तक राज्यों से मांगी रिपोर्ट
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने ईंट-भट्ठों पर सख्ती बढ़ा दी है। बोर्ड ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान सरकारों को निर्देश दिया है कि वे एनसीआर के सभी ईंट-भट्ठों की विस्तृत रिपोर्ट 31 जुलाई तक उपलब्ध कराएं
। सीपीसीबी ने खास तौर पर यह जानकारी मांगी है कि ईंट-भट्ठों में किस तरह का ईंधन इस्तेमाल किया जा रहा है। रिपोर्ट में बायोमास (जैव ईंधन) के उपयोग का पूरा ब्योरा देना भी अनिवार्य किया है।
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जानकारी के अनुसार, दिल्ली से सटे एनसीआर क्षेत्र में 1,500 से अधिक ईंट-भट्ठे संचालित हैं। इन भट्ठों से निकलने वाला धुआं और प्रदूषक तत्व राजधानी की हवा को प्रभावित करते हैं। सर्दियों के दौरान यही प्रदूषण वायु गुणवत्ता को और अधिक खराब कर देता है। प्रदूषण कम करने के लिए पहले ही सभी ईंट-भट्ठों को जिग-जैग तकनीक अपनाने और निर्धारित मात्रा में धान की पराली से बने बायोमास पैलेट्स का उपयोग करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। माना जाता है कि इस तकनीक से ईंधन की खपत कम होती है और धुएं का उत्सर्जन भी घटता है। हालांकि, कई स्थानों पर इन नियमों का सही तरीके से पालन नहीं होने की शिकायतें सामने आई हैं। इसी को देखते हुए सीपीसीबी ने राज्यों से वास्तविक स्थिति की जानकारी मांगी है। रिपोर्ट के आधार पर नियमों का उल्लंघन करने वाले ईंट-भट्ठों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
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