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केजरीवाल-सिसोदिया और भारती के खिलाफ सुनवाई पर रोक, मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 5 को तय किए थे आरोप
Mon, 22 Jul 2019 10:57 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 22 Jul 2019 10:57 PM IST
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फाइल फोटो
अदालत ने रेल भवन के नजदीक निषेधाज्ञा उल्लंघन और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, विधायक सोमनाथ भारती पर मुकदमा चलाने के आदेश पर सोमवार को रोक लगा दी। इन नेताओं ने निचली अदालत द्वारा आरोप निर्धारण को चुनौती दी है।
राउज एवेन्यू अदालत के विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज ने आप नेताओं की याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इन नेताओं का कहना है कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने गलत तरीके से आरोप तय किए हैं, इसलिए इस फैसले को रद्द किया जाए।
याचिका पर अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी। एसीएमएम समर विशाल ने 5 जुलाई को अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सोमनाथ भारती, राखी बिड़लान पर निषेधाज्ञा उल्लंघन, सरकारी काम में बाधा, सरकारी अधिकारी का आदेश न मानने, अवैध भीड़ जमा करने, बलवे जैसे हालात पैदा करने आदि की धाराओं में आरोप तय किए थे।
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अदालत ने इस मामले में राज्यसभा सदस्य संजय सिंह और आप के पूर्व प्रवक्ता आशुतोष को आरोप मुक्त कर दिया था। मामला मालवीय मिडनाइट रेड में पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती से दिल्ली पुलिस द्वारा सहयोग न किए जाने के विरोध में 20 जनवरी 2014 को हुए प्रदर्शन से जुड़ा है।
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राउज एवेन्यू अदालत के विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज ने आप नेताओं की याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इन नेताओं का कहना है कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने गलत तरीके से आरोप तय किए हैं, इसलिए इस फैसले को रद्द किया जाए।
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याचिका पर अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी। एसीएमएम समर विशाल ने 5 जुलाई को अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सोमनाथ भारती, राखी बिड़लान पर निषेधाज्ञा उल्लंघन, सरकारी काम में बाधा, सरकारी अधिकारी का आदेश न मानने, अवैध भीड़ जमा करने, बलवे जैसे हालात पैदा करने आदि की धाराओं में आरोप तय किए थे।
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अदालत ने इस मामले में राज्यसभा सदस्य संजय सिंह और आप के पूर्व प्रवक्ता आशुतोष को आरोप मुक्त कर दिया था। मामला मालवीय मिडनाइट रेड में पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती से दिल्ली पुलिस द्वारा सहयोग न किए जाने के विरोध में 20 जनवरी 2014 को हुए प्रदर्शन से जुड़ा है।
दिल्ली पुलिस के आरोप पत्र के मुताबिक, इन नेताओं ने मालवीय नगर क्षेत्र में चल रहे कथित ड्रग और सेक्स रैकेट की जांच के लिए रेड नहीं करने के आरोप लगाते हुए रेल भवन पर 20 जनवरी 2014 को धरना-प्रदर्शन किया था।
मुख्यमंत्री अपने समर्थकों और पत्रकारों के साथ नॉर्थ ब्लॉक स्थित केंद्रीय गृह मंत्री के कार्यालय तक जाना चाहते थे। इस प्रदर्शन के मद्देनजर इस क्षेत्र में थाना संसद मार्ग के एसीपी ने 19 जनवरी 2014 को निषेधाज्ञा लागू कर दी थी। इसके बाद भी यह नेता वहीं जमे रहे और आगे बढ़ने की जिद करते रहे।
मुख्यमंत्री अपने समर्थकों और पत्रकारों के साथ नॉर्थ ब्लॉक स्थित केंद्रीय गृह मंत्री के कार्यालय तक जाना चाहते थे। इस प्रदर्शन के मद्देनजर इस क्षेत्र में थाना संसद मार्ग के एसीपी ने 19 जनवरी 2014 को निषेधाज्ञा लागू कर दी थी। इसके बाद भी यह नेता वहीं जमे रहे और आगे बढ़ने की जिद करते रहे।