कोर्ट ने केजरीवाल को दिया अल्टीमेटम, लगाया जुर्माना
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दिल्ली की एक अदालत ने आप के नेता अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, प्रशांत भूषण और शाजिया इल्मी को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अगर ये सभी 24 मई से पहले कोर्ट में पेश नहीं होते हैं तो कोर्ट को मजबूरन इनपर कड़ी कार्रवाई करनी होगी।
केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के वकील पुत्र अमित सिब्बल द्वारा दायर की आपराधिक मानहानि मामले में यह आज कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हुए। कोर्ट ने मनीष सिसोदिया, प्रशांत भूषण और शाजिया इल्मी पर 2500-2500 रुपए का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने कहा, चूंकि अरविंद केजरीवाल लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं और अपने चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं इसलिए यह जुर्माना उन पर नहीं लगाया जाता है।
मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट सुनील कुमार शर्मा के कोर्ट में इन नेताओं की ओर से वकील राहुल मेहरा ने कोर्ट को बताया कि ये सभी लोग कोर्ट द्वारा दी गई अगली तारीख में हाजिर होने की पूरी कोशिश करेंगे।
'भगोड़े नहीं हैं हम'
कोर्ट ने सिसोदिया, भूषण और इल्मी पर जुर्माना उनकी इस याचिका को स्वीकार करते हुए लगाया जिसमें इन्होंने आज के दिन के लिए निजी तौर पर पेशी से छूट मांगी थी।
वकील मेहरा ने कोर्ट को बताया कि यह राष्ट्रीय चुनाव है और सभी लोग प्रचार में लगे हुए हैं, इसी कारण वह कोर्ट नहीं आ पाए हैं। वह भगोड़े नहीं हैं।
वहीं अमित की ओर से वकील मोहित माथुर ने मेहरा की दलीलों को ठुकराया। माथुर ने कहा कि अगर वह प्रचार में लगे हुए हैं तो उन्हें कोर्ट के हिसाब से अपने प्रचार की प्लानिंग करनी चाहिए थी। हम लगातार इंतजार नहीं कर सकते।
कुमार को चोट लगने की बात कर मांगी थी छूट
इससे पहले 15 मार्च को कोर्ट की सुनवाई के दौरान केजरीवाल ने पेशी से छूट मांगी थी कि वह लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार के सिलसिले में बेंगलूर में हैं जबकि सिसोदिया ने कहा कि उन्हें तत्काल उत्तर प्रदेश के अमेठी जाना है। सिसोदिया ने तब कहा था कि अमेठी में कुछ व्यक्तियों के कथित हमले में आप नेता कुमार विश्वास तथा पार्टी के कुछ अन्य व्यक्तियों को चोटें आई हैं।
कोर्ट ने पिछले साल 24 जुलाई को केजरीवाल, सिसोदिया, भूषण और इल्मी को अमित द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में सम्मन जारी किया था जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि आप नेताओं ने कहा था कि उन्होंने अदालती मामलों में एक दूरसंचार कंपनी का प्रतिनिधित्व करने के लिए अपने पिता के पद का लाभ उठाया।