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हेल्पलाइन बनाने वाले ने किया आप से किनारा
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 07 Apr 2015 11:49 AM IST
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भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन के मुख्य योजनाकार ने ‘आप’ से किनारा कर लिया है। वैचारिक मतभेद की वजह से वैज्ञानिक और नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (एनटीआरओ) के संयुक्त सचिव रहे वीके मित्तल ने पार्टी छोड़ दी है। मित्तल के मुताबिक, एक नई विचारधारा से वह पार्टी का हिस्सा बने थे, लेकिन फिलहाल ‘आप’ का वैचारिक पतन हुआ है। लिहाजा उनका पार्टी से कोई वास्ता नहीं है।
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मित्तल को कहना है कि पिछले दिनों उन्होंने पार्टी छोड़ दी। इस बारे में केजरीवाल को ई-मेल किया था। मित्तल के मुताबिक, पार्टी से हमारा जुड़ाव एक विचारधारा की वजह से हुआ है, लेकिन पार्टी इस समय अपनी विचारधारा खो चुकी है। दूसरे राजनीतिक दलों की तरह ‘आप’ भी सत्ता के लिए गुंडे-बदमाशों का साथ लेने में गुरेज नहीं कर रही है।
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दरअसल, मित्तल जनलोकपाल आंदोलन की शुरुआत से केजरीवाल और प्र्रशांत भूषण के साथ थे। वर्ष 2012 में वह ‘आप’ के संस्थापक सदस्य बने। पहली बार सरकार बनने पर मित्तल को भ्रष्टाचार मुक्त दिल्ली अभियान का अगुवा बनाया गया। हेल्पलाइन बनाने का सुझाव देने के साथ उन्होंने इसे हकीकत बनाने में अहम भूमिका निभाई। इतना ही नहीं, कॉल सेंटर कर्मियों को प्रशिक्षण देने की योजना भी मित्तल की देखरेख में ही तैयार हुई। किस तरह और कहां स्टिंग किया जा सकता है इसका खाका भी उन्होंने ही खींचा। 49 दिन की सरकार में इसका असर भी दिखा। बीते चुनाव में आप के प्रचार अभियान में भ्रष्टाचार मुक्त दिल्ली का बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
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एनटीआरओ में वरिष्ठ अधिकारी रहे चुके हैं
वीके मित्तल एनटीआरओ में वरिष्ठ पद पर थे। मित्तल ने एनटीआरओ में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसके लिए उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर की थी। इसके बाद त्यागपत्र दे दिया, फिर वह जनलोकपाल आंदोलन और ‘आप’ के संस्थापक बने।