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ग्रेटर नोएडा के अस्पताल से कोरोना संक्रमित मरीज पति-पत्नी को भगाया
Sun, 29 Mar 2020 12:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा
आशुतोष यादव, गाजियाबाद
आशुतोष यादव, गाजियाबाद
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 29 Mar 2020 12:31 AM IST
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- फोटो : पीटीआई
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एक तरफ कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में लॉक डाउन किया है वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य महकमे के लोग ही संक्रमण को बढ़ावा दे रहे हैं। एक हैरान कर देने वाला मामला ग्रेटर नोएडा के जिम्स अस्पताल का सामने आया है। कोरोना संक्रमित पति-पत्नी को अस्पताल में भर्ती करने के बाद मोहन नगर गाजियाबाद पता होने पर अस्पताल से भगा दिया और कहा कि जाकर गाजियाबाद के सरकारी असप्ताल में भर्ती हो।
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इसके बाद दंपति ग्रेटरनोएडा के अस्पताल से अपनी कार से जिला एमएमजी अस्पताल में रात 11 बजे पहुंचे। इसके बाद दोनों को भर्ती किया गया। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. रविंद्र राणा ने बताया कि रात में फोन आया था कि दो मरीज अस्पताल में भर्ती होने जा रहे हैं, लेकिन यह नहीं बताया कि दोनों अपनी कार से जा रहे हैं। साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा ने सीएमएस को फोन कर मामले की जानकारी दी कि दो मरीज ग्रेटर नोएडा से आ रहे हैं।
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सीएमओ डा. एनके गुप्ता ने इस पर आपत्ति जताते हुए रात में ही शासन में शिकायत दर्ज कराई कि नोएडा व गाजियाबाद एक दूसरे से सटे हुए जिले हैं। अगर कोई मरीज जाकर भर्ती हो गया था तो इसकी सूचना सीएमओ गौतमबुद्धनगर द्वारा दी जानी चाहिए थी। अगर वह अपनी एंबुलेंस से नहीं भेज सकते थे तो हम अपने जिले से एंबुलेंस भेजकर मरीजों को लाते।
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इसके बावजूद मरीजों को यह कहकर भगा दिया गया कि जाकर गाजियाबाद में भर्ती हो जाओ। दोनों पति-पत्नी स्वयं गाड़ी चलाकर पहुंचे। अब तो यह भी जांच करना मुश्किल है कि इन दोनों अस्पताल से निकलने के बाद कितने लोगों के संपर्क में आए होंगे।
प्राइवेट लैब में हुई थी पुष्टि
सीएमओ ने बताया कि दोनों विदेश से हाल ही में लौटकर आए थे। कोरोना के लक्षण पाए जाने पर प्राइवेट लैब में जांच कराई थी। कोरोना की पुष्टि होने पर दोनों ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में पहुंच गए थे।
रात में कार कराई गई सैनिटाइज
सीएमओ डा. एनके गुप्ता ने बताया कि दंपती ने कार से अस्पताल पहुंच गए। जब स्टाफ ने उनसे पूछा कि कार का नंबर क्या है, कई गाड़िया खड़ी हैं। इस पर पति ने कहा कि हम दोनों से मतलब है कि या कार से। इस पर कर्मचारियों ने समझाया कि कार को भी सैनिटाइज किया जाएगा। रात में ही कार को डिस्ंक्रमित किया गया।