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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Consignment of 10 medicines failing to meet standards returned by RML Hospital

Delhi NCR News: आरएमएल अस्पताल में मानकों पर खरी नहीं उतरीं 10 दवाओं की खेप वापस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2026 06:13 PM IST
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दौरे, हृदय रोग, अवसाद, तेज धड़कन और प्रसवोत्तर रक्तस्राव के इलाज में इस्तेमाल होती हैं दवाएं
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विभागों और वार्डों को तत्काल इस्तेमाल रोकने के निर्देश

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में गुणवत्ता जांच में मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली 10 दवाओं की खेप वापस मंगा ली गई है। इनमें दौरे, हृदय रोग, अवसाद, तेज धड़कन और प्रसव के बाद होने वाले रक्तस्राव के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं। अस्पताल प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों और वार्डों को इन दवाओं का इस्तेमाल तत्काल रोकने और प्रभावित खेप को ड्रग यूनिट में वापस जमा करने के निर्देश दिए हैं।
अस्पताल की ओर से 7 से 14 सितंबर के बीच जारी नोटिस में इन दवाओं के संबंध में निर्देश दिए गए। नोटिस के अनुसार, सोडियम वैल्प्रोएट 200 मिलीग्राम, स्पिरोनोलैक्टोन 50 मिलीग्राम और इमिप्रामाइन 25 मिलीग्राम की गोलियां गुणवत्ता जांच में निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरीं।
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इसी अवधि में पांच तरह के इंजेक्शन की खेप भी वापस लेने के निर्देश दिए गए। इनमें एडेनोसिन, मिथाइल एर्गोमेट्रिन, मल्टीविटामिन, फेनिरामाइन मैलिएट और एस्कॉर्बिक एसिड इंजेक्शन शामिल हैं। इसके अलावा, आइसोसॉर्बाइड मोनोनेट्रेट 20 मिलीग्राम की कुछ गोलियां स्ट्रिप के अंदर पाउडर के रूप में मिलने की शिकायत सामने आई। इसका बैच नंबर एबीटी6711 है। अस्पताल ने संबंधित विभागों को इस बैच का इस्तेमाल रोककर दवाएं वापस जमा कराने को कहा। मेटोप्रोलोल 50 मिलीग्राम के बैच एबीटी6608 की गोलियां भी स्ट्रिप के अंदर पाउडर के रूप में मिलने की शिकायत सामने आई। इसके बाद इस खेप को भी वापस मंगा लिया गया।
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अलग-अलग बीमारियों के इलाज में होती हैं इस्तेमाल
सोडियम वैल्प्रोएट का इस्तेमाल दौरे की बीमारी के इलाज में, जबकि स्पिरोनोलैक्टोन हृदय संबंधी समस्याओं और शरीर में अतिरिक्त पानी जमा होने की स्थिति में किया जाता है। मेटोप्रोलोल का इस्तेमाल ब्लड प्रेशर और हृदय रोग के इलाज में होता है। एडेनोसिन कुछ मामलों में तेज धड़कन को नियंत्रित करने के लिए दिया जाता है। वहीं, मिथाइल एर्गोमेट्रिन का इस्तेमाल प्रसव के बाद होने वाले रक्तस्राव को नियंत्रित करने में किया जाता है।

मरीज में दवा से जुड़ी परेशानी की भी जानकारी देने को कहा
आरएमएल अस्पताल प्रशासन के अनुसार, गुणवत्ता जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रभावित दवाओं को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। संबंधित विभागों को दवाओं का इस्तेमाल रोकने के साथ ही किसी मरीज में दवा से जुड़ी परेशानी सामने आने पर इसकी जानकारी देने को कहा गया है।
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