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Delhi NCR News: एसआईआर में 47.6 लाख नाम हटाने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
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31.6 लाख मतदाताओं को नोटिस के बीच प्रदेश कांग्रेस ने कहा- 30 सितंबर तक सत्यापन कराना बड़ी चुनौती
झुग्गी-बस्तियों और अनधिकृत कॉलोनियों के लोगों के प्रभावित होने का दावा
कांग्रेस का दावा, 14,947 में से 14,896 बूथों पर दो फीसदी से ज्यादा विसंगतियां
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 47.6 लाख मतदाताओं के नाम मसौदा मतदाता सूची से हटाए जाने और 31.6 लाख लोगों को विसंगतियां दूर करने के लिए नोटिस दिए जाने को लेकर दिल्ली कांग्रेस ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने दावा किया कि प्रभावित मतदाताओं में बड़ी संख्या जेजे क्लस्टर, झुग्गी-बस्तियों और अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की है। पार्टी ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर सत्यापन तय समय में पूरा कराना व्यावहारिक चुनौती है। चुनाव आयोग के अनुसार 31.63 लाख नोटिस जारी किए गए हैं और दावे-आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर है।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने दावा किया कि दिल्ली के 14,947 बूथों में से 14,896 पर दो फीसदी से अधिक विसंगतियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि पूरी दिल्ली में करीब 1,200 ईआरओ हैं, ऐसे में 31.6 लाख लोगों की विसंगतियों का व्यक्तिगत सत्यापन 30 सितंबर तक कैसे पूरा होगा। यादव के मुताबिक माता-पिता की उम्र में अंतर, नाम की स्पेलिंग और पते में मामूली अंतर जैसी वजहों से भी मतदाताओं को नोटिस मिले हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से दिल्ली में रह रहे लोगों के लिए मांगे गए दस्तावेज तत्काल उपलब्ध कराना हमेशा आसान नहीं होता।
प्रदेश कांग्रेस के लीगल एवं मानवाधिकार विभाग के चेयरमैन एडवोकेट सुनील कुमार ने कहा कि पार्टी एसआईआर की कानूनी और प्रक्रियागत खामियों को लेकर लगातार चुनाव आयोग के समक्ष अपनी बात रख रही है। उन्होंने कहा कि 2002 की मतदाता सूची ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए कांग्रेस को हाईकोर्ट का रुख करना पड़ा, जिसके बाद सूची सार्वजनिक हुई। बूथ मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन राजेश गर्ग ने कहा कि कांग्रेस के बीएलए-1 और बीएलए-2 ने बूथ स्तर पर मतदाताओं की मदद की और समस्याएं चुनाव अधिकारियों के सामने रखीं। पार्टी प्रभारी काजी निजामुद्दीन ने भी एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
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झुग्गी-बस्तियों और अनधिकृत कॉलोनियों के लोगों के प्रभावित होने का दावा
कांग्रेस का दावा, 14,947 में से 14,896 बूथों पर दो फीसदी से ज्यादा विसंगतियां
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 47.6 लाख मतदाताओं के नाम मसौदा मतदाता सूची से हटाए जाने और 31.6 लाख लोगों को विसंगतियां दूर करने के लिए नोटिस दिए जाने को लेकर दिल्ली कांग्रेस ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने दावा किया कि प्रभावित मतदाताओं में बड़ी संख्या जेजे क्लस्टर, झुग्गी-बस्तियों और अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की है। पार्टी ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर सत्यापन तय समय में पूरा कराना व्यावहारिक चुनौती है। चुनाव आयोग के अनुसार 31.63 लाख नोटिस जारी किए गए हैं और दावे-आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर है।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने दावा किया कि दिल्ली के 14,947 बूथों में से 14,896 पर दो फीसदी से अधिक विसंगतियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि पूरी दिल्ली में करीब 1,200 ईआरओ हैं, ऐसे में 31.6 लाख लोगों की विसंगतियों का व्यक्तिगत सत्यापन 30 सितंबर तक कैसे पूरा होगा। यादव के मुताबिक माता-पिता की उम्र में अंतर, नाम की स्पेलिंग और पते में मामूली अंतर जैसी वजहों से भी मतदाताओं को नोटिस मिले हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से दिल्ली में रह रहे लोगों के लिए मांगे गए दस्तावेज तत्काल उपलब्ध कराना हमेशा आसान नहीं होता।
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प्रदेश कांग्रेस के लीगल एवं मानवाधिकार विभाग के चेयरमैन एडवोकेट सुनील कुमार ने कहा कि पार्टी एसआईआर की कानूनी और प्रक्रियागत खामियों को लेकर लगातार चुनाव आयोग के समक्ष अपनी बात रख रही है। उन्होंने कहा कि 2002 की मतदाता सूची ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए कांग्रेस को हाईकोर्ट का रुख करना पड़ा, जिसके बाद सूची सार्वजनिक हुई। बूथ मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन राजेश गर्ग ने कहा कि कांग्रेस के बीएलए-1 और बीएलए-2 ने बूथ स्तर पर मतदाताओं की मदद की और समस्याएं चुनाव अधिकारियों के सामने रखीं। पार्टी प्रभारी काजी निजामुद्दीन ने भी एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
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