ऐसे दिन आ गए! नेताओं से छीने प्रवेश पास
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस कमेटी के नेताओं का रुतबा घटने लगा है। इसका नजारा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 97वीं जयंती को लेकर समाधि पर आयोजित कार्यक्रम में देखने को मिला।
बुधवार को इंदिरा गांधी की समाधि स्थल के गेट पर प्रदेश कांग्रेस के लोग वीवीआईपी और वीआईपी पास गेट पर बांट रहे थे जिसे सुरक्षा का हवाला देकर सुरक्षा कर्मियों ने छीन लिया। प्रदेश कांग्रेस को इंदिरा गांधी की समाधि स्थल पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है।
सूत्र बताते हैं कि बुधवार सुबह भी इंदिरा गांधी की समाधि के बाहर वीवीआईपी और वीआईपी पास नाम लिखकर बांटे जा रहे थे जिनका पूर्व रिकॉर्ड नहीं था। यही देखकर सुरक्षा कर्मियों ने पास छीन लिए। इतना ही नहीं बाहर खड़ी गाड़ियां भी ट्रैफिक पुलिस ने क्रेन से उठवा दीं।
राहुल गांधी के नजदीक पहुंच गए थे समर्थक
दरअसल पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नजदीक काफी समर्थक पहुंच गए थे। जिससे सुरक्षा कर्मियों को दिक्कत पेश आई थी। वहीं बुधवार को समाधि स्थल पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी से मिलने को बढ़ने वाले कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए कांग्रेस सेवा दल ने घेराबंदी कर रखी थी।
इससे पहले इंदिरा गांधी की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित करने पहुंचने वालों में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उपराष्ट्रपति डॉ. हामिद अंसारी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह, हारून यूसुफ, सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश्वर त्यागी, एल्डरमैन हरिकिशन जिंदल समेत तमाम नेता शामिल थे।
इंदिरा गांधी जयंती पर कई कार्यक्रम आयोजित
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 97वीं जयंती पर राजधानी में अलग-अलग जगह कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद एक सभा आयोजित की गई। वहीं जहांगीरपुरी में एल्डरमैन हरिकिशन जिंदल की अगुवाई में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में बच्चों में कपड़े व कॉपियां वितरित की गईं। जबकि प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित सभा में प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह ने कहा कि इंदिरा गांधी भारतीय राजनीति की एक सच्ची रहनुमा थी। उन्होंने गरीबी मिटाने के लिए 20 सूत्री कार्यक्रम चलाया। साथ ही प्रधानमंत्री के तौर पर देश की तमाम चुनौतियों का सामना किया।