आप विधायक सदस्यता मामला: कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी से कहा, सोनिया गांधी से सीखें नैतिकता निभाना
कांग्रेस ने केजरीवाल से नैतिकता के आधार पर मांगा त्यागपत्र
कहा, भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आधी कैबीनेट हुई है बाहर
-सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय पर प्रदर्शन
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प्रदेश कांग्रेस ने आप विधायकों को अयोग्य ठहराने संबंधी चुनाव आयोग के फैसले को सही ठहराते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र मांगा है। प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन का कहना है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आधी कैबिनेट बाहर हो चुकी है और अब 20 विधायकों का मामला उसी का उदाहरण है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से त्यागपत्र की मांग को लेकर केजरीवाल के कार्यालय पर सोमवार को प्रदर्शन करने की भी घोषणा की है। माकन ने चुनाव आयोग के निर्णय के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमने जून 2016 में आयोग के समक्ष शिकायत कर 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति को चुनौती दी थी।
उन्होंने कहा करीब दो वर्ष बाद फैसला आया, लेकिन उचित आया है यानि हमारी शिकायत ठीक थी। उन्होंने कहा आयोग ने इन विधायकों को अपना पक्ष रखने के लिए कई मौके दिए लेकिन वे नहीं गए।
पहले आम सरकार का दावा करने वाली आप सरकार ने विधायकों के वेतन में वृद्धि कर ली फिर भी संतुष्ट न होने पर गैरकानूनी तरीके से विधायकों को लाभ देने के लिए संसदीय सचिव बना दिया। अब ये आम कहां रहे हैं।
माकन ने कहा जब कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर लाभ के पद का आरोप लगा था उन्होंने तुंरत त्यागपत्र देकर पुन: चुनाव लड़ा था। यह नैतिकता थी। केजरीवाल व विधायक क्यों नहीं नैतिकता को अपनाकर त्यागपत्र देकर जनता के बीच जाते।
उन्होंने कहा जनता के बीच जाने से यह भी पता चल जाएगा कि कितने पानी में हैं। उन्होंने कहा आप सरकार के भ्रष्टाचार का खुलासा करने के लिए कांग्रेस दिल्ली में अभियान शुरू करेगी और इसकी शुरुआत सेामवार से की जाएगी।