दिल्ली की स्थिति के लिए 'आप' और कांग्रेस जिम्मेदार: भाजपा
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प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की पहली बैठक में एक राजनीतिक प्रस्ताव पारित कर भाजपा ने कांग्रेस व आम आदमी पार्टी को आड़े हाथों लिया। दिल्ली की राजनीति अस्थिरता के लिए पार्टी ने दोनों दलों को जिम्मेदार बताया और इसकी कड़ी निंदा की। दक्षिणी दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी ने राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया। कुछ संशोधन के बाद इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।
पार्टी की तरफ से पेश प्रस्ताव में कहा गया कि जनता ठगा महसूस कर रही है। पानी की समस्या, बिजली आपूर्ति में अनियमितता, शिक्षा क्षेत्र में कमी, स्वास्थ्य सेवाओं और परिवहन व्यवस्था की खस्ता हाल के लिए भी आप व कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया गया।
दिल्ली के सांसदों की जिम्मेदारी तय
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य विजय गोयल झुग्गी-झोपड़ी के मतदाताओं के लिए योजना तैयार करेंगे। इसी तरह सांसद प्रवेश वर्मा युवा मतदाताओं के बीच काम करेंगे।
महिलाओं और सरकारी कर्मचारी के बीच भाजपा का प्रचार सांसद मीनाक्षी लेखी करेंगी तो महेश गिरी धार्मिक संस्थाओं और अन्य सामाजिक संगठनों के साथ तालमेल बिठाएंगे। सांसद मनोज तिवारी पूर्वांचलियों को साधेंगे। डॉ.उदित राज दलित वर्ग के बीच काम करेंगे। इसके अलावा एक कोर कमेटी भी बनी है। इसमें सतीश उपाध्याय, रमेश बिधूड़ी, रेखा गुप्ता व आशीष सूद को शामिल किया गया है।
प्रोफेसर मुखी को मंच पर जगह नहीं
आम आदमी पार्टी अपने प्रचार हमें भले ही भाजपा नेता प्रो. जगदीश मुखी को भाजपा का मुख्यमंत्री प्रत्याशी प्रचारित करा रही हो, लेकिन प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक में प्रो. मुखी को मंच पर जगह भी नहीं मिली। मंच पर डॉ. हर्षवर्धन, विजय गोयल समेत सभी सांसद व प्रदेश नेता तो दिखे, लेकिन मुखी और आरती मेहरा नीचे ही बैठे रहे।
लाल और राम में फंसे गिरी
पूर्वी दिल्ली के सांसद महेश गिरी अपने भाषण में लाल और राम के बीच फंस गए। संबोधन में वे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मांगे राम गर्ग का नाम लेना चाहते थे, लेकिन कई बार मांगे लाल, मांगे लाल की रट लगाए रहे।
कार्यकर्ताओं ने जब उन्हें बताया कि मांगे लाल नहीं मांगे राम गर्ग बोलिए तो वे खुद ही शर्मिंदा हुए और बोले कि इसके बाद अपनी गलती नहीं दोहराऊंगा।