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दिल्ली: दाखिले के पहले दिन ही शिकायतों के लिए लगी लंबी लाइनें

Sat, 29 Jun 2019 05:21 AM IST
Abhishek Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Abhishek Singh Updated Sat, 29 Jun 2019 05:21 AM IST
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Complaints for first council in Delhi University
दिल्ली विश्वविद्यालय - फोटो : Social Media

दिल्ली विश्वविद्यालय में पहली कटऑफ के दाखिले शुरू होने के साथ ही विद्यार्थियों की शिकायतें भी शुरू हो गई हैं। पहले दिन ही कांफ्रेंस सेंटर में शिकायतों के लिए विद्यार्थियों की लंबी लाइनें लगी रही। कोई चयन किए गए विषय में दाखिला नहीं मिल पाने की शिकायत लेकर पहुंचा तो कोई बेस्ट फोर में संस्कृत (इलेक्टिव) को शामिल नहीं किए जाने से परेशान था। यह दिक्कत खासकर तेलंगाना बोर्ड के विद्यार्थियों को आ रही थी। ग्रीवांस के लिए लाइन में खड़ा होने पर भी प्रशासन का कहना था कि अब तक हमें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। 

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नोएडा से अपनी बहन के साथ पहुंचे अश्विनी शुक्ला ने बताया कि उनकी बहन को विवेकानंद कॉलेज में राजनीति शास्त्र में दाखिला मिल रहा था, लेकिन कॉलेज के पास डाटा में वह कोर्स ही नहीं आ रहा था जबकि उन्होंने आवेदन भी किया था। कॉलेज ने डीन स्टूडेंट वेलफेयर में ग्रीवांस कमेटी के पास भेज दिया। उन्होंने कहा कि जब हम कोर्स के लिए आवेदन किया तो वह कैसे चयन नहीं हुआ, यह समझ से परे हैं।
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बेस्ट फोर में संस्कृत शामिल नहीं किए जाने से परेशान

वहीं तेलंगाना बोर्ड के विद्यार्थियों की अलग ही समस्या रही। इस बोर्ड की छात्रा एम मनीषा के पिता ने बताया कि मनीषा 2018-19 में संस्कृत (इलेक्टिव) और अंग्रेजी दोनों भाषाओं की पढ़ाई 12वीं में की है और बेस्ट फोर 96.4 फीसदी है। जब वह जियोग्रॉफी ऑनर्स में दाखिला लेने के लिए आईपी कॉलेज (इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर वूमेन) में पहुंचे थे तो कॉलेज ने दाखिला देने से मना कर दिया।
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कॉलेज संस्कृत और अंग्रेजी को भाषा के रूप में शामिल करता है। जबकि छात्रा को तेलंगाना बोर्ड ने उन्हें अंग्रेजी को भाषा व संस्कृत को कोर विषय मानने का पत्र जारी किया था। कॉलेज ने उन्हें कहा कि तेलंगाना राज्य बोर्ड द्वारा जारी प्रमाणपत्र नवीनतम होना चाहिए। इस परेशानी को लेकर वह इधर-उधर भागते रहे। भाषा नहीं समझ पाने के कारण उन्हें ज्यादा समस्या उठानी पड़ी। 

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