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ठंडा ठंडा-कूल कूल..आप कर रहे हैं भूल
रश्मि ओझा/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 08 May 2014 01:51 PM IST
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सिर में दर्द होने पर ठंडा तेल लगाने जा रहे हैं तो खबर आपके ही लिए है। कहीं ऐसा न हो कि ठंडे तेल का अत्याधिक इस्तेमाल आपके दिमाग की नसों को संवेदनहीन बना दे। कम लोग ही जानते हैं कि ठंडे तेल का अधिक प्रयोग दिमाग की नसों को गला सकता है।
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न्यूरो सर्जन के अनुसार दिमागी बीमारियों में तीस फीसदी मरीज ऐसे होते हैं, जिनका ठंडे तेल के प्रयोग की वजह से समस्याएं आती हैं। इसका लंबे समय तक प्रयोग आंखों पर भी असर डालता है।
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ठंडा तेल ठंडे तत्वों से बना होता है और इसका अत्यधिक इस्तेमाल से दिमाग की मुख्य नसें कोर्टेक्स और सेरिबेरम को नुकसान पहुंचाता है। इसकी जानकारी ‘जर्नल ऑफ मेडिकल साइंस एंड क्लीनिकल रिसर्च’ के शोध पत्रिका में दी जा चुकी है।
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लोग सिर दर्द में दवा के बजाय ठंडे तेल को अधिक प्राथमिकता देते हैं, इससे राहत तो मिल जाती है लेकिन लंबे समय तक प्रयोग करने से धीरे-धीरे दिमाग की नसें गलने लगती है।
चिकित्सकों का कहना है कि ठंडे तेल में कपूर और मिथोल की मात्रा होती है ऐसे में इस तेल के सेवन से आंखों की रोशनी पर असर पड़ा है। इससे माइग्रेन की भी समस्या उत्पन्न होती है।