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कैलाश मानसरोवर भवन का लोकार्पण, सीएम योगी बोले- जिन्हें खुशहाली अच्छी नहीं लगती वही रच रहे षड्यंत्र
Sun, 13 Dec 2020 10:57 AM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 13 Dec 2020 10:57 AM IST
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कैलाश मानसरोवर भवन
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को यही तो चिढ़ है कि आखिर यह सब काम क्यों हो रहे हैं और इसी चिढ़ के नाते जिन लोगों को देश, गांव, किसान और नौजवानों की खुशहाली अच्छी नहीं लगती, वही षड्यंत्र रचने में लगे हैं।
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जो काम वर्षों-वर्षों तक नहीं हो रहे थे, अब उन सब कामों को हाथोंहाथ होते देख लोगों की रातों की नींद उड़ी है। सीएम ने कहा कि जिन लोगों के हाथ देश में दंगे, अराजकता और देश की एकता व अखंडता को नुकसान पहुंचाने में हैं, वही लोग एक बार फिर से किसी न किसी रूप में अव्यवस्था पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि एक ऐसी ताकत है, जो बड़ी आस्था के साथ जुड़ी हुई है। पूरा देश अपनी आस्था के साथ जुड़कर प्रधानमंत्री मोदी पर पूर्ण विश्वास के साथ बिना भेदभाव के विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन्हें पहले भारत की प्रगति, खुशहाली और किसान, नौजवान और माताओं के चेहरे पर खुशहाली अच्छी नहीं लगती वह सब देश के खिलाफ षड्यंत्र रचने में लगे हैं। सीएम योगी ने कहा कि भारत आस्था का देश है और हम आस्था के साथ विकास पर विश्वास रखते हैं।
कोरोना के समय में देश की जनता ने दिखा दिया कि वह किस मजबूती के साथ प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के साथ खड़ी है। इसी का नतीजा है कि आज भारत कोरोना के खिलाफ जारी जंग को जीतने की दिशा में अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने कैलाश मानसरोवर भवन के माध्यम से पूर्व की सपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यही गाजियाबाद था जहां पर शासन और एनजीटी के नियमों का उल्लंघन कर हज हाउस बना दिया गया और कैलाश मानसरोवर भवन बनाने की मांग उठती थी तो हर जमीन को विवादित कर दिया जाता था।
हमने पहले से तय किया था कि जो भी काम करेंगे, वह नियमों के तहत करेंगे। इसलिए हमने देखा कि पहले वाली जमीन पर एनजीटी की आपत्ति है। हम हज हाउस जैसी दुर्गति नहीं होने देना चाहते थे। इसलिए उस समय के स्थानीय मेयर, सांसद और विधायक से कहा कि उसे खारिज करो और एक ऐसे स्थान पर भवन बनाओ, जहां पर शासन जमीन को क्रय करे और भूमि उसी भवन के नाम ली जाए।
तभी हमने धर्मार्थ कार्य विभाग के निदेशालय का भी गठन किया। इसलिए हमने कैलाश मानसरोवर भवन की जमीन की भी कीमत दी। जमीन सहित कुल 132 करोड़ की लागत से यह भव्य भवन सभी श्रद्धालुओं के लिए बनकर तैयार है, जो आज सबको समर्पित किया जा रहा है।
अब जो लोग कैलाश मानसरोवर या सिंधु दर्शन की यात्रा पर जाना चाहते हैं। उत्तराखंड में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री का दर्शन करना चाहते हैं उन सभी के लिए यह भवन उपलब्ध होगा। यह आस्था का भी केंद्र होगा और रोजगार का भी।
अराजकता फैलाने की छूट किसी को नहीं
सीएम ने कहा कि अयोध्या पर आए कोर्ट के फैसले का दिन इतिहास में सबसे शांति का दिन था। क्योंकि उससे पहले कुछ लोग धर्म की आड़ में दंगे कराते थे और फिर उन्हें आस्था के नाम पर चंदा वसूली का भी मौका मिल जाता था। उस समय गुंडों का राज था। अब अराजकता फैलाने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती।
हमने पहले से तय किया था कि जो भी काम करेंगे, वह नियमों के तहत करेंगे। इसलिए हमने देखा कि पहले वाली जमीन पर एनजीटी की आपत्ति है। हम हज हाउस जैसी दुर्गति नहीं होने देना चाहते थे। इसलिए उस समय के स्थानीय मेयर, सांसद और विधायक से कहा कि उसे खारिज करो और एक ऐसे स्थान पर भवन बनाओ, जहां पर शासन जमीन को क्रय करे और भूमि उसी भवन के नाम ली जाए।
तभी हमने धर्मार्थ कार्य विभाग के निदेशालय का भी गठन किया। इसलिए हमने कैलाश मानसरोवर भवन की जमीन की भी कीमत दी। जमीन सहित कुल 132 करोड़ की लागत से यह भव्य भवन सभी श्रद्धालुओं के लिए बनकर तैयार है, जो आज सबको समर्पित किया जा रहा है।
अब जो लोग कैलाश मानसरोवर या सिंधु दर्शन की यात्रा पर जाना चाहते हैं। उत्तराखंड में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री का दर्शन करना चाहते हैं उन सभी के लिए यह भवन उपलब्ध होगा। यह आस्था का भी केंद्र होगा और रोजगार का भी।
अराजकता फैलाने की छूट किसी को नहीं
सीएम ने कहा कि अयोध्या पर आए कोर्ट के फैसले का दिन इतिहास में सबसे शांति का दिन था। क्योंकि उससे पहले कुछ लोग धर्म की आड़ में दंगे कराते थे और फिर उन्हें आस्था के नाम पर चंदा वसूली का भी मौका मिल जाता था। उस समय गुंडों का राज था। अब अराजकता फैलाने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती।
एक दौर था जब पुलिस-प्रशासन के लोग गुंडों को रास्ता दिखाने का काम करते थे लेकिन आज पुलिस निकलती है तो संपत्ति कुर्क करने। हमने साफ कर दिया कि अगर कोई कानून में बाधा उत्पन्न करता है तो वह सोच ले कि उसे किस यात्रा पर जाना है। अराजकता फैलाने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती। समाज के हर तबके का विकास बिना किसी भेदभाव के हो यही हमारी प्राथमिकता है, जिसके साथ किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जा सकता।
इस देश में जब अयोध्या में 500 वर्ष पुरानी समस्या का समाधान हो सकता है। यह बात कोई नहीं सोचता था कि इस समस्या का समाधान होगा लेकिन मोदी के नेतृत्व में पांच अगस्त को अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हो गया। देश में कुछ लोगों ने इस तरह की समस्याओं को लटकाने और आजीविका का हिस्सा बना लिया था।
क्योंकि जब विवाद होगा तो उन्हें राजनीति करने का अवसर मिलेगा और वसूली का भी। लेकिन हमें भ्रमित नहीं होना है। हमारी सरकार बिना भेदभाव के साथ हर तबके के विकास का काम कर रही है।
इस देश में जब अयोध्या में 500 वर्ष पुरानी समस्या का समाधान हो सकता है। यह बात कोई नहीं सोचता था कि इस समस्या का समाधान होगा लेकिन मोदी के नेतृत्व में पांच अगस्त को अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हो गया। देश में कुछ लोगों ने इस तरह की समस्याओं को लटकाने और आजीविका का हिस्सा बना लिया था।
क्योंकि जब विवाद होगा तो उन्हें राजनीति करने का अवसर मिलेगा और वसूली का भी। लेकिन हमें भ्रमित नहीं होना है। हमारी सरकार बिना भेदभाव के साथ हर तबके के विकास का काम कर रही है।