विधानसभा में छाया सीएम की सुरक्षा का मामला, विपक्ष ने कसा तंज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में शुक्रवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा का मसला छाया रहा। सत्ता पक्ष ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महिलाओं के प्रदर्शन को मुख्यमंत्री की सुरक्षा में चूक बताकर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
वहीं, विपक्ष का कहना था कि कभी नेताओं की सुरक्षा पर तंज कसने वाली आम आदमी पार्टी आज अपने मुख्यमंत्री को सुरक्षा देने की बात कर रही है। लक्ष्मी नगर से विधायक नितिन त्यागी ने कहा कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर दिल्ली पुलिस और रेलवे पुलिस की मौजूदगी में मुख्यमंत्री के साथ महिला प्रदर्शनकारियों ने खींचतान की।
इस दौरान सुरक्षाकर्मी हंस रहे थे। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री की जान को खतरा है, तो यह सुरक्षा में भारी चूक है। सोची समझी साजिश के तहत इसे अंजाम दिया गया।
'नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भाजपा के लोगों ने हुड़दंग किया'
आप विधायक ने कहा कि पंजाब, गोवा व गुजरात में साफ तौर पर दिख रही हार से भाजपा डरी हुई है। इसी वजह से मुख्यमंत्री पर हमला कराया गया।
उन्होंने मामले की जांच कराने की मांग की। वहीं, आप विधायक सोमनाथ भारती और सरिता सिंह ने घटना की निंदा की। जबकि जल मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भाजपा के लोगों ने हुड़दंग किया।
इसी बीच नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि पहले ये लोग कह रहे थे कि इन्हें सुरक्षा नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री बनने पर सुरक्षा दी गई तो सुरक्षा कर्मियों को जासूस बताया। उन्होंने कहा कि आप नेता समझने को तैयार नहीं हैं कि दिल्लीवासी दिल्ली सरकार से बुरी तरह नाराज हैं। मुख्यमंत्री के पास 150-200 गार्ड हैं।
महिलाओं को दुख होता है, उन्होंने विरोध जताया, तो सुरक्षा के नाम पर टारगेट किया जा रहा है। इसका जवाब देते हुए दिल्ली सरकार के गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि हमने कभी सुरक्षा की मांग नहीं की। अगर किसी को खतरा है, तो पुलिस की जिम्मेदारी है उसकी रक्षा करना।