शिक्षकों के जींस पहनने पर लगाई पाबंदी, सीएम खट्टर बोले हमने नहीं जारी किया आदेश
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हरियाणा में खाप पंचायतों द्वारा लड़कियों के जींस पहनने और मोबाइल इस्तेमाल करने पर पाबंदी की बातें तो आम हैं, लेकिन अब शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में शिक्षकों पर जींस पहनने की पाबंदी लगा दी है। भले ही सुनने में यह थोड़ा अजीब लगे, लेकिन यही हकीकत है।
10 जून को मौलिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर इस पर अमल कराने को कहा है। हालांकि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से आज जब इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि उनकी सरकार की तरफ से ऐसा कोई आदेश पारित नहीं किया गया है।
There is no such order issued by us: CM M L Khattar on reports of Haryana govt banning teachers from wearing jeans pic.twitter.com/GhdrJDsx7z
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI_news) June 11, 2016
विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि अक्सर देखने में आया है कि राजकीय प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत अध्यापक विद्यालयों में जब जींस पहन कर आते हैं, साथ ही किसी काम से कार्यालय या शिक्षा निदेशालय में आते हैं तो भी जींस पहनकर आते हैं, जो उचित नहीं है।
कृपया जींस पहनकर विद्यालय या निदेशालय नहीं आएं। विभाग के फैसले के साथ ही शिक्षक इसके विरोध में खड़े हो गए हैं। शिक्षकों ने इसे तुगलकी फरमान करार देते हुए कहा कि मौजूदा समय में जींस ड्रेस का एक हिस्सा है। यह अब फॉर्मल ड्रेस की तरह इस्तेमाल होने लगा है, ऐसे में यह बंदिशें युग को पीछे धकेलने जैसा प्रतीत होता है।
शिक्षकों ने कहा तुगलकी है फरमान
वहीं, इस फैसले पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रामकुमार फलसवाल का कहना है कि शिक्षकों को छात्रों को पढ़ाते वक्त जमीन में बैठने की जरूरत भी पड़ती है। टाइट जींस होने की वजह से वह बैठ नहीं पाते हैं। कई बार जींस इतनी टाइट होती है कि भड़काऊ लगती है। इसे देखते हुए विभाग ने इस तरह का कदम उठाया है।
पूरे मामले पर प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद ठकरान का कहना है कि विभाग के इस तरह के आदेश सीरिया और अफगानिस्तान के जैसे प्रतीत होते हैं। प्रदेश सरकार अपनी कमियां छुपाने के लिए इस तरह का आदेश दे रही है। सरकार को स्कूलों की बुनियादी चीजें और गुणवत्ता सुधारने पर जोर देना चाहिए।
हरियाणा शिक्षण संस्थान संगठन भी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के साथ खड़ा हो गया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष यशपाल यादव का कहना है कि यह फैसला उचित नहीं है। जींस पहनने की पाबंदी दूसरे विभागों में लागू हो। केवल शिक्षकों पर थोपना मुनासिब नहीं है।
इससे बेहतर तो प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के लिए एक ड्रेस लागू कर दिया जाता। इस फरमान से विद्यालयों में महिला शिक्षकों के प्रति सम्मान का जो वातावरण बना है, उस वातावरण को इस आदेश से ठेस पहुंचेगी।