हड़ताली डॉक्टरों को मिला सीएम केजरीवाल का समर्थन
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दिल्ली में आज से शुरू हुई रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से जहां मरीजों को काफी परेशानी हो रही है, वहीं अरविंद केजरीवाल ने कुछ ही देर पहले एक ट्वीट करके इन डॉक्टरों की हड़ताल को जायज ठहराया है।
सीएम केजरीवाल ने अपने ट्वीट में लिखा कि, 'डॉक्टरों की अधिकतर मांगें जायज हैं। मैंने स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों की मांग को लागू करने के निर्देश दिए हैं।'
उन्होंने आगे लिखा कि, 'यह सरकार जनता को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। ये काम डॉक्टरों के सहयोग के बिना नहीं हो सकता है।'
इस तरह केजरीवाल ने हड़ताली डॉक्टरों का पक्ष लिया है और उनकी मांगों को सही ठहराया है जिसका मतलब ये है कि उन्होंने हड़ताल को भी सही माना है।
स्वास्थ्य मंत्री और सीएम के बदले सुर
केजरीवाल ने आगे लिखा कि, 'आखिर क्यों डॉक्टर बात करने नहीं आ रहे हैं? उन्हें पहले शनिवार को बुलाया गया था, फिर रविवार और फिर आज दोपहर तीन बजे। लेकिन वो सामने नहीं आ रहे। बात तो करो।'
हालांकि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के सुर अपने सीएम से अलग दिखाई दिए। उन्होंने डॉक्टरों के लिए कहा कि हर बात पर हड़ताल पर जाना ठीक नहीं।
बता दें कि सरकारी अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर्स सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। उधर, हड़ताल के दौरान वरिष्ठ चिकित्सकों को हर हाल में अस्पताल में ड्यूटी पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि किसी भी हालत में आपातकालीन विभाग को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
सभी रेजिडेंट डॉक्टर्स एक साथ गए हड़ताल पर
फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोरडा) के पदाधिकारियों का कहना है कि मांगों को लेकर राज्य और केंद्र सरकार को कई बार पत्र लिखा गया। लेकिन, इस दिशा में सरकार ने कोई प्रयास नहीं किया।
27 फरवरी को दिल्ली के अस्पतालों में टोकन स्ट्राइक भी की गई। उसका भी कोई नतीजा नहीं निकला। इसलिए दिल्ली के करीब-करीब सभी रेजिडेंट डॉक्टर्स ने एक साथ हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि सफदरजंग, आरएमएल, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, यूसीएमएस, लोक नायक, डीडीयू, जीटीबी, अंबेडकर, लेडी हार्डिंग मेडिकल कालेज सहित कई अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर्स चिकित्सा सेवा पूरी तरह से ठप रखेंगे।