अंतरराष्ट्रीय कलाकारों ने कहा गुडबाय सूरजकुंड
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अंतिम दिन उन्होंने खूब बातें कीं। भारत के कलाकारों ने श्रीलंका के कलाकारों से सिंहली सीखी तो वहां के कलाकारों ने हिंदी सीखी। सिद्धिगोमा के कलाकारों ने बीहू के कलाकारों के साथ फोटो कैमरों में कैद किए।
शिल्पियों ने भी अपने आसपास के लोगों के नाम-पते लिए और एक-दूसरे को फेसबुक फ्रेंड बनाया। इसी तरह मेले में आए दस्तकारों ने आसपास बैठे दस्तकारों से किसी दूसरे मेले में मिलने के वायदे के साथ सूरजकुंड से विदा ली।
काठमांडू के तेजनारायण बने कला रत्न
28वें मेले के समापन अवसर पर राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया ने कहा है कि शिल्प को बढ़ावा देने के साथ-साथ कला के पारखियों के लिए भी सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला बहुत अच्छा मंच है। यहां निर्यातकों और खरीददारों को एक साथ मिलने का अवसर प्राप्त होता है।
इस मौके पर उन्होंने 23 उत्कृष्ट शिल्पकारों, और बुनकरों को कला पुरस्कारों से नवाजा। विदेशियों के लिए शुरू किया पहला कला रत्न अवार्ड काठमांडू निवासी पशमीना शॉल के बुनकर तेज नारायण राम को प्रदान किया गया। इस मौके पर थीम स्टेट गोवा, कंट्री पार्टनर श्रीलंका एवं मेजबान हरियाणा की ओर से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
50 फीसदी की छूट में बिका सामान
मेले के अंतिम दिन लोगों ने जमकर खरीदारी की। माल वापस ले जाने के झंझट से छुटकारा पाने के लिए क्राफ्टमैनों ने कम से कम दाम पर भी अधिक बिक्री करके सामान निकालने की कोशिश की।
मेटल कार्विंग की आर्टिस्ट लीना सिंह ने बताया कि उन्होंने 30 से 40 फीसदी की छूट दी। नेपाल की पशमीना शॉल पर 50 फीसदी की छूट मिली।
अंतिम दिन भी निकाला गुस्सा
28वें सूरजकुंड मेले के समापन पर भी कई शिल्पकारों ने अव्यवस्था व बदइंतजामी का आरोप लगाया।
गुजरात से आई नेशनल अवार्डी माधुरी बेन, महाराष्ट्र से आए राज्य अवार्डी नवाज महमूद, भदोही यूपी के अब्दुल कयूम, श्रीनगर के नेशनल अवार्डी नियाज अहमद ने कहा कि इस बार से सूरजकुंड मेले से उन्होंने तौबा कर ली है।