CISCE 10th Result 2022 Out: 10वीं के परिणाम में संयुक्त रूप से चार ने किया टॉप, इनमें से यूपी के तीन, यहां जाने सबकुछ
ऑल इंडिया स्तर पर तीन छात्राओं व एक छात्र ने 99.80 फीसदी अंकों के साथ संयुक्त रूप से टॉप किया है। जिसमें पू्णे की हरगुण कौर मठारू, कानपुर की अनिका गुप्ता, बलरामपुर के पुष्कर त्रिपाठी व लखनऊ की कनिष्का मित्तल ने संयुक्त रूप से 99.80 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है। वहीं दिल्ली में यश्वी जैन ने 97.60 फीसदी अंकों के साथ पहले पायदान पर जगह बनाई है। शुरुआती 10 टॉपरों में से सात टॉपर छात्राएं व तीन छात्रों ने सफलता हासिल की है।
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काउंसिल ऑफ इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) ने आईसीएसई यानि कक्षा 10वीं का परिणाम रविवार शाम जारी कर दिया। ऑल इंडिया स्तर पर 99.80 फीसदी अंकों के साथ संयुक्त रूप से चार टॉपरों ने टॉप किया है। इसमें से तीन छात्रा व एक छात्र है। शुरुआती 10 टॉपरों में से सात टॉपर छात्राएं व तीन छात्रों ने सफलता हासिल की है। वहीं, दिल्ली में द फ्रैंक एंथनी पब्लिक स्कूल की यश्वी जैन ने 97.60 फीसदी अंकों के साथ पहले पायदान पर जगह बनाई है।
पू्णे की हरगुण कौर मठारू, कानपुर की अनिका गुप्ता, बलरामपुर के पुष्कर त्रिपाठी व लखनऊ की कनिष्का मित्तल ने संयुक्त रूप से 99.80 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है। सीआईएससीई के सचिव व मुख्य कार्यकारी के गैरी अराथून के मुताबिक, इस बार कुल 99.97 फीसदी छात्रों ने परीक्षा पास की है। परीक्षा में 2535 स्कूलों से 2,31,063 छात्र शामिल हुए थे। इसमें से 1,25,678 यानि 54.39 फीसदी छात्र व 1,05,385 यानि 45.61 फीसदी छात्राओं ने परीक्षा दी थी।
छात्रों के मुकाबले छात्राओं का उत्तीर्ण होने का प्रतिशत बेहतर रहा है। परीक्षा में जहां 99.98 फीसदी छात्रों ने सफलता हासिल की है वहीं, छात्राओं की सफलता का दर 99.97 फीसदी रहा है। आईसीएसई परीक्षा का आयोजन 61 विषयों में किया गया था, जिसमें 20 भारतीय भाषाएं व नौ विदेशी और एक शास्त्रीय भाषा शामिल थी।
क्षेत्रीय आंकड़ों के मुताबिक, उत्तरी जोन में 99.98 फीसदी छात्रों ने परीक्षा में सफलता हासिल की है। वहीं, पूर्व में 99.60 फीसदी, पश्चिम में 99.99 फीसदी व दक्षिण में 99.99 फीसदी छात्र सफल हुए हैं। विदेश में 99.50 फीसदी छात्रों ने परीक्षा पास की है। देश में दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों का पास प्रतिशत सबसे बेहतर रहा है। यहां 99.99 फीसदी छात्र पास हुए हैं, जबकि उत्तरी क्षेत्र से 99.98 फीसदी छात्र सफल हुए हैं। दक्षिण क्षेत्र से सबसे अधिक 49.48 फीसदी छात्राओं ने सफलता हासिल की है।
इसके अलावा एससी श्रेणी में 12980 छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनका सफलता प्रतिशत 99.97 रहा। वहीं, एसटी श्रेणी में 7975 छात्रों का सफलता प्रतिशत 99.94 व ओबीसी श्रेणी में 49731 छात्रों का 99.99 प्रतिशत रहा। परीक्षा में 692 विशेष छात्र शामिल हुए थे, जिसमें से 78 छात्रों ने 90 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए हैं। इसके अलावा 22 दृष्टिबाधित छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से सात छात्रों ने 90 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए हैं।
कोरोना की वजह से दो चरणों हुई थी परीक्षा
कोरोना महामारी की वजह से परीक्षा का आयोजन दो चरणों में किया गया था। ऐसे में पहले सेमेस्टर की परीक्षा नवंबर-दिसंबर 2021 व दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा अप्रैल-मई 2022 में की गई थी। शुरुआत में छात्रों की चिंता थी कि बोर्ड किस सेमेस्टर के हिसाब से परिणाम तैयार करेगा, हालांकि बोर्ड ने बाद में स्पष्ट कर दिया था कि दोनों सेमेस्टर को 50-50 फीसदी वेटेज देकर परिणाम जारी किया जाएगा।
23 जुलाई तक रिचेकिंग के लिए कर सकते हैं आवेदन
बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन छात्रों को परीक्षा परिणाम को लेकर परेशानी है, तो वे आगामी 23 जुलाई तक रिचेकिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें प्रति पेपर के लिए एक हजार रुपये का शुल्क अदा करना होगा। हालांकि, यह सुविधा सिर्फ दूसरे सेमेस्टर के पेपरों के लिए रहेगी, क्योंकि पहले सेमेस्टर के लिए पहले ही यह सुविधा दी जा चुकी थी।