स्वतंत्रता दिवस पर चाइनीज मांझे से उड़ेगी पतंग, सरकार ने अधिसूचना पर जताई असमर्थता
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राजधानी में इस बार भी स्वतंत्रता दिवस पर चाइनीज मांझे से पतंग उड़ेगी। दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष स्वतंत्रता दिवस से पहले चाइनीज मांझे पर रोक संबंधी अधिसूचना जारी करने में असमर्थता जताई है।
सरकार का तर्क है कि अधिसूचना का ड्राफ्ट उपराज्यपाल के पास लंबित है और उसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी और न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ ने सरकार के इस तर्क पर कहा कि आप स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन के दौरान मांझे से होने वाली किसी भी प्रकार की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव पेश करें।
अदालत ने कहा कि इन मौकों पर बड़ी संख्या में पतंगें उड़ाई जाती हैं। ऐसे में आप 10 अगस्त को दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव पेश करें। खंडपीठ ने कहा कि वे इस मुद्दे पर दिशा-निर्देश जारी करेंगे।
'अधिसूचना का ड्राफ्ट उपराज्यपाल के पास है लंबित'
यह देखा जाएगा कि इस वर्ष पतंगों के कारण कोई दुर्घटना तो नहीं होती है। उसी के बाद सरकार की अधिसूचना पर कोई आदेश दिया जाएगा। इससे पूर्व दिल्ली सरकार के अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा कि हमने चाइनीज मांझे पर रोक लगाने और सूती धागे से पतंग उड़ाने के संबंध में दिशा-निर्देश तय किए हैं।
ड्राफ्ट तैयार कर उपराज्यपाल के पास भेजा गया है। ड्राफ्ट को मंजूरी न मिलने के कारण सरकार स्वतंत्रता दिवस से पहले अधिसूचना जारी करने में असमर्थ है।
उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट में प्रभावित लोगों के सुझाव भी लेने का प्रावधान किया गया था। अब मात्र चार दिन में अधिसूचना जारी करना असंभव है। हमें समय चाहिए, फिलहाल सरकार विज्ञापन जारी कर और होर्डिंग लगाकर आम लोगों को चाइनीज मांझे के प्रति जागरूक कर सकती है।