चीनी मांझे से मौत पर सियासत तेज, भाजपा विधानसभा में उठाएगी मुद्दा
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दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने 15 अगस्त से पहले जानलेवा चीनी मांझे पर रोक न लगाने के लिए दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस मांझे के कारण दिल्ली में 3 लोगों की मौत हो गई। इस मुद्दे को भाजपा विधानसभा के 22 अगस्त से शुरू होने वाले सत्र में उठाएगी और दिल्ली सरकार से मांझे पर समय रहते रोक न लगाने का कारण पूछेगी।
विजेंद्र गुप्ता ने प्रदेश कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार एक हत्यारी सरकार है जिसे आम जनता के जानमाल की कोई परवाह नहीं है।
उन्होंने सरकार से मांझे पर रोक न लगाने, इससे हुई मौतों व घायलों की जांच और दोषियों को दंड देने के लिए एक समयबद्ध निष्पक्ष न्यायिक आयोग गठित करने की मांग की।
भाजपा ने सरकार को बताया मौत का जिम्मेदार
उन्होंने कहा कि सरकार मांझे से हुई मौतों और घायलों के लिए जिम्मेदार लोगों को दंड देने के लिए तत्काल पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराए। उन्होंने बताया कि भाजपा ने दिल्ली सरकार से मांग की थी कि चीनी मांझे की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाई जाए लेकिन दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने रोक नहीं लगाई।
मई 2016 में चीनी मांझे पर रोक लगाने के लिए उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी। इसी मामले में सुनवाई के दौरान 2 अगस्त को दिल्ली सरकार ने उच्च न्यायालय में कहा कि चीनी मांझे पर रोक नहीं लगाई जा सकती, क्योंकि इसके लिए 6 माह के लिए जन अधिसूचना जारी करनी होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती तो एक दिन का विशेष सत्र 10 या 11 अगस्त को बुलाकर चीनी मांझे पर हमेशा के लिए रोक लगाने के लिए बिल पारित कर राज्यपाल के पास कानून बनाने के लिए भेज सकती थी, लेकिन सरकार मांझा माफिया से मिली हुई थी। इसी कारण उसने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की।