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Delhi NCR News: मां की हड्डी से बच्चों के पैरों को मिली नई जिंदगी
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कैंसर और गंभीर संक्रमण से खराब हुई हड्डियों को किया दोबारा तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने हड्डियों के कैंसर और गंभीर संक्रमण से जूझ रहे बच्चों के इलाज में नई उम्मीद जगाई है। डॉक्टरों ने बच्चों की खराब हड्डियों का पुनर्निर्माण उनकी मां की पैर की फिबुला हड्डी से किया, जिससे पैर काटने की नौबत टाली जा सकी।
इस तकनीक से पहली सर्जरी 2021 में 16 वर्षीय लड़की की हुई थी। उसकी जांघ की हड्डी संक्रमण से खराब हो गई थी। पांच साल बाद भी नई हड्डी अच्छी तरह बढ़ रही है और बच्ची सामान्य रूप से चल-फिर रही है। 2022 में एक अन्य लड़की का भी इसी तकनीक से इलाज किया गया।
इसके अलावा उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान से आए चार बच्चों का उपचार किया गया। इनमें तीन बच्चे हड्डियों के कैंसर से पीड़ित थे, जबकि एक लड़की की पिंडली की हड्डी में जन्मजात समस्या थी। दो बच्चों को उनके देश में पैर काटने की सलाह दी गई थी। सर्जिकल टीम का नेतृत्व डॉ. आशीष चौधरी, डॉ. अरुण कुमार गिरी और डॉ. अभिषेक कुमार सांभरिया ने किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने हड्डियों के कैंसर और गंभीर संक्रमण से जूझ रहे बच्चों के इलाज में नई उम्मीद जगाई है। डॉक्टरों ने बच्चों की खराब हड्डियों का पुनर्निर्माण उनकी मां की पैर की फिबुला हड्डी से किया, जिससे पैर काटने की नौबत टाली जा सकी।
इस तकनीक से पहली सर्जरी 2021 में 16 वर्षीय लड़की की हुई थी। उसकी जांघ की हड्डी संक्रमण से खराब हो गई थी। पांच साल बाद भी नई हड्डी अच्छी तरह बढ़ रही है और बच्ची सामान्य रूप से चल-फिर रही है। 2022 में एक अन्य लड़की का भी इसी तकनीक से इलाज किया गया।
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इसके अलावा उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान से आए चार बच्चों का उपचार किया गया। इनमें तीन बच्चे हड्डियों के कैंसर से पीड़ित थे, जबकि एक लड़की की पिंडली की हड्डी में जन्मजात समस्या थी। दो बच्चों को उनके देश में पैर काटने की सलाह दी गई थी। सर्जिकल टीम का नेतृत्व डॉ. आशीष चौधरी, डॉ. अरुण कुमार गिरी और डॉ. अभिषेक कुमार सांभरिया ने किया।
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