Delhi: CM हाउस के बाहर तोड़फोड़ मामले में 30 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर, दिल्ली पुलिस ने HC को दी जानकारी
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ के समक्ष पुलिस ने आप विधायक सौरभ भारद्वाज की एक जनहित याचिका पर यह जानकारी दी है।
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर तोड़फोड़ की घटना से संबंधित मामले में 30 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री आवास के आसपास प्रदर्शनकारियों को पंहुचने से रोकने के लिए दोनों छोर पर गेट लगाने का 60 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को यह जानकारी दी है। आरोपी भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ता है।
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ के समक्ष पुलिस ने आप विधायक सौरभ भारद्वाज की एक जनहित याचिका पर यह जानकारी दी है। याचिका में कश्मीरी पंडितों की दुर्दशा पर बनी फिल्म द कश्मीर फाइल्स पर केजरीवाल की टिप्पणी के विरोध में 30 मार्च को भाजमुमो कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान हमले की जांच के लिए एसआईटी के गठन की मांग की गई है।
दिल्ली पुलिस की ओर से पेश अधिवक्ता संजय लाओ ने एक सीलबंद लिफाफे में अदालत को एजेंसी की स्थिति रिपोर्ट पेश की और बताया कि मुख्यमंत्री के आवास की ओर जाने वाली सड़क के दोनों छोर पर दो गेट लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि साठ प्रतिशत काम पूरा हो गया है और यह कुछ दिनों में पूरा हो जाएगा।
इससे पहले अदालत ने दिल्ली पुलिस को घटना के बाद दर्ज प्राथमिकी में अपनी जांच की प्रगति का विवरण देते हुए एक और स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। पीठ ने मामले की सुनवाई 8 अगस्त तय करते हुए कहा कि वे इस दिन याचिका पर अपना फैसला देगी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत से अपील की कि वह सुनवाई स्थगित कर दे और मुख्यमंत्री के आवास पर सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में दिल्ली पुलिस द्वारा दायर एक पूर्व स्थिति रिपोर्ट का जवाब देने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय को समय प्रदान किया जाए।
सिंघवी ने अदालत को बताया कि यह याचिकाकर्ता का पक्ष है कि जब सुरक्षा चूक के लिए दिल्ली पुलिस जिम्मेदार थी, तो उसे अब इसकी जांच करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास के प्रवेश द्वार तक पहुंचने के लिए बैरिकेड्स तोड़ दिए और पुलिस की मौजूदगी में सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट कर दिया था। पिछली सुनवाई पर डीसीपी (उत्तर) ने अदालत को सूचित किया था कि घटना से संबंधित मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था और 14 दिनों तक हिरासत में रहे, जिसके बाद उन्हें अदालत से जमानत दे दी गई।
पुलिस ने अदालत को बताया कि था कि अधिक सशस्त्र गार्डों की तैनाती के साथ सीएम आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इससे पहले उच्च न्यायालय ने सीएम के साथ बर्बरता की घटना को रोकने में पुलिस की विफलता पर नाराजगी व्यक्त की थी और पुलिस आयुक्त को गंभीर चूक के लिए जिम्मेदारी तय करने का निर्देश दिया था, इसे बहुत परेशान करने वाली स्थिति करार दिया था। याची ने हमले की जांच के लिए एक एसआईटी के गठन की मांग की है और तर्क दिया है कि द कश्मीर फाइल्स पर उनकी टिप्पणी के विरोध में मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास में तोड़फोड़ की गई। दिल्ली पुलिस की मिलीभगत से इसे अंजाम दिया गया है। 30 मार्च, 2022 को, कई भाजपा के कार्यकर्ताओं ने विरोध की आड़ में दिल्ली के सीएम के आधिकारिक आवास पर हमला किया।