जामिया मिल्लिया गोलीकांड की सीसीटीवी फुटेज मिली, गोली चलाने वाले की पहचान शुरू
जामिया मिल्लिया के गेट नंबर 7 के पास खाली पड़े प्रदर्शन स्थल के पास बीते रविवार को गोलीकांड मामले में जामिया नगर थाना पुलिस के हाथ महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं। गोली चलाने वाला युवक बाइक पर सवार था। उसने प्रदर्शन के टेंट में आग लगाने की भी कोशिश की थी। पुलिस को सीसीटीवी कैमरों से उसकी फुटेज मिल गई है। उससे इसकी पहचान की जा रही है। यूनिवर्सिटी के गार्ड ने भी उसे भागते देखा था।
जामिया मिल्लिया के गेट नंबर 7 के पास के प्रदर्शन से करीब 100 मीटर की दूरी पर गत रविवार को गोली चली थी। पुलिस को मौके से एक खोल मिला था। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खोल .315 बोर का है। इससे पता लगा है कि युवक ने गोली तमंचे से चलाई थी। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि बाइक पर सवार युवक के पीछे बड़ा बैग लटका हुआ था। इससे वह होम डिलीवरी मैन या फिर डिस्ट्रीब्यूटर लगता है।
टेंट में आग लगाने में नाकाम होने के बाद युवक भागा तो जामिया मिल्लिया के सिक्योरिटी गार्ड ने उसे देख लिया था। गार्ड ने उसे पकड़ने का प्रयास भी किया था। गार्ड से पूछताछ के बाद ही जामिया मिल्लिया के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए थे। पुलिस को फुटेज से आरोपी की बाइक का नंबर नहीं मिला है। जामिया नगर में अन्य जगहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज की मदद से युवक का स्केच तैयार कराया जा रहा है। इसके आधार पर स्थानीय लोगों से उसकी पहचान कराई जाएगी।
दीवारों से नारे मिटाए, छात्र नाराज
जामिया मिल्लिया के आसपास के इलाके की दीवारों पर प्रदर्शनकारियों ने सीएए, एनआरसी, एनपीआर के खिलाफ नारे लिख रखे थे। प्रदर्शन हटाने के बाद पुलिस ने इन सभी को मिटवा दिया। इससे नाराज छात्रों ने कहा कि कोरोना वायरस का खतरा कम होने के बाद वे फिर से सड़कों पर आएंगे। जामिया की दीवारों पर फिर से चित्रकारी करेंगे और नज्में लिखेंगे।
सीएए के खिलाफ जामिया के कुछ छात्र सड़क पर प्रदर्शन कर रहे थे। इन्होंने जामिया की दीवारों पर सीएए, एनआरसी, एनपीआर को रद्द करने की मांग करते हुए दिल्ली पुलिस के खिलाफ और महिलाओं की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर नज्में लिखी थीं। साथ ही दीवारों पर तस्वीरें भी बनाई थीं। प्रदर्शन को हटाने के बाद पुलिस ने दीवारों की सफाई करा दी। उधर, छात्रों का कहना है कि ये नज्में और चित्रकारी लोगों को जागरूक कर रही थीं। उन्होंने कहा कि इससे उनका मनोबल कम नहीं होगा। कोरोना का असर कम होते ही वे फिर सड़कों पर उतरेंगे।