{"_id":"ec0fcb335a3725e3089bc9bfaa1a4806","slug":"cases-of-kidnapping-remains-unsolved-hindi-news-pt","type":"story","status":"publish","title_hn":"साढ़े चार साल बाद भी नहीं लौटा बेटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साढ़े चार साल बाद भी नहीं लौटा बेटा
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sat, 06 Sep 2014 09:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रॉपर्टी डीलर राणा प्रताप आहूजा के अपहरण और हत्या के बाद एक बार फिर उन पुराने मामलों को लेकर पुलिस के खिलाफ लोगों में रोष बढ़ रहा है जिनमें अभी तक लापता लोगों का सुराग नहीं लगा है।
विज्ञापन
शहर में बच्चों, बड़ों व नाबालिगों के गायब होने और अपहरण के आज भी कई ऐसे अनसुलझे मामले हैं, जिन पर पुलिस का ध्यान नहीं जाता है।
यह भी पढ़ें: अश्लील वीडियो भेजकर पूछा, 'मुझसे दोस्ती करोगी'
विज्ञापन
एनआईटी-5 में 20 जनवरी 2010 को एफ-ब्लॉक से राकेश नामक व्यक्ति के बेटे पीयूष का अपहरण हो गया था। घटना के बाद राकेश के पास फिरौती का फोन भी आया था, लेकिन बाद में न तो बदमाशों का कुछ पता लगा और नहीं साढ़े चार साल बीतने के बाद भी उनका बेटा घर लौटा।
विज्ञापन
मई में सहगल अपहरण कांड दो दिन में ही सुलझ जाने के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पुलिस आयुक्त एएस चावला ने कहा था कि अपहरण के पुराने मामलों को भी बहुत गंभीरता से सुलझाने का प्रयास किया जाएगा लेकिन अब तक ऐसी कोई पहल पुलिस की ओर से नहीं दिखी है। इस साल कम से कम दर्जन भर से अधिक अपहरण के मामले हो चुके हैं।