दावेदार और अपना मुख्यमंत्री, हिट रहा बीजेपी का ये फॉर्मूला
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टिकटों के दावेदार और अपना मुख्यमंत्री। मोदी की रैली में भीड़ जुटाने का यह फॉमूला हिट रहा। अपने दावेदार की सीट पक्की करने के लिए समर्थकों ने विशेष वेष भूषा से बीजेपी हाईकमान का ध्यान आकर्षित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
कोई गुलाबों की पंखुड़ियों से बरसात तो कहीं भगवा टोपी में खास नाम तो कहीं मोदी के मुखौटे के साथ टिकट दावेदार का नाम। रैली में हरियाणा व यूपी के लोगों की खासी तादाद रही।
उत्तर, पश्चिमी, पूर्वी, दक्षिणी समेत बाहरी दिल्ली की विधानसभा सीटों पर दावेदारी जताने वाले अपने समर्थकों के हूजुम संग पहुंचे। कार्यकर्ताओं की टोपी में एक ओर कमल तो दूसरी ओर दावेदार का नाम था।
वहीं, पूर्वी दिल्ली से उत्तराखंड की एसोसिएशन की महिलाएं एक खुली गाड़ी में अपने दावेदार के नाम के साथ पहुंचीं। बाहरी दिल्ली के एक दावेदार के समर्थक तो ट्रैक्टर ट्रालियों की लाइन लगाकर बैनर सहित पहुंचे हुए थे।
मोदी और शाह के चलते हाउस फुल
तीन राज्यों के मुख्यमंत्री होने के चलते प्रवासी वोटर भी अपने राज्यों के मुख्यमंत्रियों को देखने पहुंचे। बहरहाल भाजपा के टिकट वितरण से पूर्व कार्यकर्ताओं को लाने की जिम्मेदारी भाजपा नेताओं को देने व मुख्यमंत्री को लाने का फॉर्मूला हिट रहा और मोदी से पहले अमित शाह का भाषण शुरू होने पर हाउस फुल के चलते रैली स्थल के गेट बंद कर दिए गए। दूसरी ओर नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए महिपालपुर से स्पेशल नगाड़ा आया था, जोकि मुख्य गेट पर रखा गया था।
जनता को भी दिया सम्मान
अक्सर रैलियों में खास मेहमानों के लिए कुर्सियों का इंतजाम किया जाता है लेकिन आम जनता के लिए नहीं। हालांकि रैली में आम दर्शकों केलिए भी कुर्सियां थीं, जो दर्शाती हैं कि मोदी के लिए सभी नागरिक सम्मान हैं।
अंकित चौहान, यूपीएससी छात्र, सहारनपुर
बिजली की घोषणा भायी
दिल्ली में आए दिन सारा-सारा दिन बिजली कट से बेहद परेशान रहते हैं। एक तो महंगी बिजली ऊपर से कट से राजधानीवासी दुखी हैं। आज ग्राहक पैसा देना चाहता है, लेकिन बदले में सुविधा पूरी मिले।
सविता गुप्ता, रोहिणी
वरिष्ठ नेताओं की कतार में आडवाणी का फोटो
रामलीला मैदान की रैली में बेशक वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी मौजूद थे। लेकिन दूसरे वरिष्ठ नेताओं की कतार में जगह मिली। मंच के सामने दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अटल बिहारी वाजपेयी के साथ-साथ आडवाणी का भी बड़ा कटआउट लगा था।
मीडियाकर्मियों के साथ आम लोगों के बीच इस कटकाउट की काफी चर्चा रही। लोगों का कहना था कि आडवाणी जी को भी वरिष्ठों की श्रेणी में शामिल हो गए हैं।
दरअसल, नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के समय से ही वरिष्ठ नेता आल कृष्ण आडवाणी की नाराजगी जग जाहिर है। हालांकि नरेंद्र मोदी ने अपनी तरफ से कभी कोई ऐसी बात नहीं की, जिससे लगे दोनों की संबंधों में खटास है।
शनिवार को भी इसका खासा ख्याल रखा गया। अडवाणी के रैली में मौजूद न होने के बावजूद उनकी कटआउट के जरिए उनके साथ-साथ होने का संदेश देने की कोशिश भाजपा नेताओं ने की।
सभी को मिली जगह
हालांकि लोगों के बीच कयास लगाए जा रहे थे कि आडवाणी अभी तस्वीरों तक सिमटे है। उनके राजनीतिक सन्यास का दौर का शुरू हो गया है। वरिष्ठों की कतार में खड़ा करके भाजपा भी यही जाहिर करना चाहती है।
प्रदेश के एक वरिष्ठ नेता ने मजाकिया लहजे में कहा कि भाजपा फिलहाल मोदी युग में चल रही है। आडवाणीजी हमारे सम्मानीय हो सकते हैं, लेकिन लोग आज सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुनना चाहते हैं।
प्रदेश के सभी नेताओं को मिली मंच पर जगह
दिल्ली चुनाव में भाजपा काफी फूंक-फूंक कर कदम आगे बढ़ा रही है। पार्टी कहीं से भी प्रदेश के नेताओं को बंटा दिखना नहीं चाहती। जिससे चुनाव में कोई नुकसान उठाना पड़े।
यही वजह है कि पार्टी ने अभी मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान नहीं किया है। साथ ही प्रधानमंत्री की रैली में प्रदेश के सभी बड़े नेताओं के मंच पर जगह दी गई।