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तो अब इसलिए आसान नहीं होगा केंद्रीय विद्यालय खोलना

ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 09 Dec 2017 03:44 PM IST
केंद्रीय विद्यालय संगठन
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देश में कहीं भी अब केंद्रीय विद्यालय खोलना आसान नहीं होगा। केंद्र सरकार ने एक सेलेक्शन कमेटी बनाई है, जो तय करेगी कि केंद्रीय विद्यालय खोलने की जरूरत है या नहीं। सरकार ने इस कमेटी को ‘चैलेंज मेथड’ का नाम दिया है।
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अधिकारी ने बताया कि अब तक राज्यों की मांग के आधार पर केंद्रीय विद्यालय खोले जाते थे, लेकिन भविष्य में ऐसा नहीं होगा। केंद्र सरकार ने चैलेंज मेथड (जरूरत के आकलन) योजना के तहत अब केवी खोलने का फैसला लिया है।

इसके लिए सात सदस्यीय सेलेक्शन कमेटी बनाई गई है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के स्कूली शिक्षा सचिव समिति के चेयरमैन होंगे। एंप्लायमेंट एंड ट्रेनिंग के रिटायर्ड डीजी शारदा प्रसाद, यूनेस्को के साउथ एशिया इंस्टीट्यूट के सलाहकार शैलेंद्र सिग्दल, एनसीईआरटी के प्रोफेसर एके श्रीवास्तव सदस्य और नीति आयोग के सिग्गी थॉमस प्रतिनिधि एवं केवी संगठन के कमिश्नर सदस्य सचिव रहेंगे।

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