कड़ी सुरक्षा के बीच शिव को भेजा जेल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंद्रलोक दुष्कर्म मामले में आरोपी कैब चालक को पुलिस ने तीन दिन के रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
वहीं, आरोपी को कोर्ट में पेश किए जाने व वकीलों की हड़ताल को देखते हुए पुलिस का सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। हड़ताल कर रहे वकीलों ने आरोपी की पैरवी करने आए अधिवक्ता को पेश नहीं होने दिया।
सराय रोहिल्ला पुलिस ने बृहस्पतिवार को शिव कुमार यादव को लिंक एमएम रविंद्र कुमार पांडेय के सामने पेश किया। कोर्ट में पुलिस ने आवेदन दायर कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आग्रह किया।
कोर्ट में जांच अधिकारी एसआई रेणु को फटकार लगने के बाद अन्य इंवेस्टीगेशन ऑफिसर (आईओ) ने अदालत को बताया कि मोबाइल, कार और अन्य केस प्रॉपर्टी बरामद कर ली गई हैं।
पीड़िता का बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज करवाया जा चुका है। आरोपी चालक का ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी मिलने पर बुराड़ी थाने में फर्जीवाड़े व धोखाधड़ी का भी मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
इसके बाद अदालत ने केस की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पीछे के रास्ते से ले जाया गया कोर्ट
अदालत ने पेशी के दौरान जांच अधिकारी एसआई रेणु से पूछा कि आरोपी का लाइसेंस असली था या नकली। जांच अधिकारी इसका कोई उत्तर नहीं दे पाईं। इस पर कोर्ट ने पूछा, ‘केस का असली जांच अधिकारी कौन है। इनको तो कुछ पता ही नहीं है।
पीछे के रास्ते कोर्ट ले गई पुलिस
हड़ताल कर रहे वकील आरोपी की पैरवी का सुबह से ही विरोध कर रहे थे। आरोपी को दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया जाना था। दोपहर दो बजे से ही वकील सभी गेटों पर तैनात हो गए। पुलिस वकीलों को चकमा देकर आरोपी को पीछे के रास्ते से ले गई।
इसकी जानकारी मिलते ही वकील कोर्ट की तीसरी मंजिल पर पहुंचे और आरोपी को रास्ते में ही रोक लिया। पुलिस काफी जद्दोजहद के बाद आरोपी को कोर्ट रूम लेकर पहुंची। इसके बाद हड़ताल करने वाले वकीलों ने आरोपी की पैरवी के लिए आए अधिवक्ता को जबरन कोर्ट से निकाल दिया। फिर कहीं जाकर केस की सुनवाई शुरू हो पाई।