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बुराड़ी : मैदान में किसानों की संख्या कम, तैयारियां जोरों पर
Mon, 30 Nov 2020 12:29 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Mon, 30 Nov 2020 12:29 PM IST
सार
- दिल्ली सरकार की ओर से किसानों के रहने के लिए टेंट लगाना जारी
- बड़े टेंटों में सामाजिक दूरी के नियमों का करवाया जाएगा पालन
- मोबाइल टॉयलेट, दिल्ली जल बोर्ड का टैंकर और कोविड जांच की है व्यवस्था
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यमुना एक्सप्रेसवे पर लेटे किसान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बुराड़ी के निरंकारी मैदान में किसानों को प्रदर्शन करने की इजाजत मिलने के बावजूद दूसरे दिन भी मैदान पूरी तरह से खाली रहा। इजाजत मिलने के बाद शुक्रवार रात जो करीब पांच सौ किसान यहां आये, वही आज भी मौजूद हैं। रविवार को इक्का दुक्का किसान ही मैदान में पहुंचे। दिल्ली सरकार की ओर से युद्ध स्तर पर किसानों के ठहराने के लिए टेंट तैयार किये जा रहे हैं। लेकिन मैदान में आये किसान अपने टैक्टर टॉली को ही अपना आशियाना बनाया हुआ है।
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रविवार को राजस्थान से करीब एक दर्जन किसान बुराड़ी मैदान पहुंचे। पहले दिन यहां आये किसानों का कहना है कि रास्ता खोले जाने के बाद वह बुराड़ी मैदान में पहुंच गये थे। लेकिन उनके ज्यादातर सहयोगी किसान सिंघू और टीकरी बॉर्डर पर ही डटे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक कानून को वापस नहीं लिया जाता वह इसी तरह से वहां डटे रहेंगे। किसानों ने बताया कि रविवार को बुराड़ी से कुछ किसान फिर से बॉर्डर पर पहुंच गये हैं और वहां हो रहे बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं। बुराड़ी मैदान में मौजूद किसानों का कहना है कि वह भले ही बुराड़ी के मैदान में आ गये हैं लेकिन उनका भी मकसद इस कानून को खत्म करवाने का है।
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उधर दिल्ली सरकारी की ओर से मैदान में किसानों के लिए हर सुविधा मुहैया कराने के इंतजाम किए जा रहे थे। रहने के लिए टेंट के साथ साथ दिनचर्या के लिए मोबाइल टॉयलेट, नहाने के लिए दिल्ली जलबोर्ड का टैंकर और कोविड जांच की व्यवस्था की गयी है। फिलहाल टेंट लगाने का काम चल रहा था। इस काम को देख रहे ठेकेदार ने बताया कि बड़े बड़े टेंट बनाये जा रहे हैं, ताकि लोग सामाजिक दूरी के नियम का पालन कर सके। हालांकि हजारों किसानों के रहने के लिए टेंट तैयार किये जा चुके हैं। इसके अलावा सरकार और अन्य पार्टियों की ओर से लंगर भी लगाये गये हैं।
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चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात
भारी संख्या में किसानों के बुराड़ी मैदान में पहुंचने की संभावना को देखते हुए मैदान में चप्पे चप्पे पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। साथ ही सादी वर्दी में स्पेशल ब्रांच के पुलिसकर्मी भी तैनात हैं, जो मैदान में होने वाली हर हरकत की जानकारी आला अधिकारियों को मुहैया करवा रहे हैं। मैदान के प्रवेश दरवाजे के साथ साथ एक निकासी के लिए दरवाजा बनाया गया है। दोनों ही दरवाजे पर अद्र्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया है।
साथ ही पूरे मैदान के बाहरी इलाके में अत्याधुनिक हथियार से लैस सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। जो गश्त कर मैदान की निगरानी कर रहे हैं। मैदान में घुसते ही पुलिस का कंट्रोल रूम बनाया गया है। जिसपर हर एक मिनट पर वायरलेस मैसेज के जरिए जानकारी मुहैया करवायी जा रही है। चूंकि मैदान में अभी किसानों की संख्या कम है इसलिए हर थाने से अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संख्या बढने के साथ ही पुलिसबलों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी की जाएगी। उत्तर पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त विजयंता आर्या खुद सुरक्षा की देखरेख कर रही है।
बैठकों का दौर जारी
बुराड़ी मैदान पहुंच चुके किसानों के साथ किसान नेता बैठक कर रहे हैं। बैठक के दौरान वह सरकार के साथ चल रही वार्ता के बारे में भी उन्हें जानकारी दे रहे हैं। किसान ये भी चर्चा करते हुए नजर आए कि सरकार अगर उनकी मांगों को नहीं मानती है तो उनका अगला कदम क्या होगा। कई संगठनों के किसान होने की वजह से उनके संगठन के नेता बुराड़ी के मैदान में पहुंच रहे हैं। बैठकों के दौरान किसान जमकर नारेबाजी भी कर रहे हैं।
सब मिलकर बना रहे हैं खाना
बुराड़ी मैदान में मौजूद किसान आपस में मिलकर खाना बना रहे हैं। कुछ लोग ब्याज काटते नजर आये तो कुछ चुल्हे पर पक रहे खाने को तैयार होने का इंतजार करते हुए दिखे। किसानों का कहना है कि वह अपने हक की लड़ाई लडने के लिए पूरी तैयारी करके आये हैं। ज्यादातर किसान एक टैक्टर में दो ट्रॉली लगाकर रखा है। एक में उनका रसद है, जबकि दूसरे में वह रात गुजारते हैं। कई किसान पूरे परिवार के साथ लड़ाई लड़ने आये हैं।