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बुलंदशहर हिंसा: गोकशी के तीन आरोपियों पर लगाई रासुका, जमानत पर बाहर आने की फिराक में थे आरोपी
Mon, 14 Jan 2019 07:40 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 14 Jan 2019 07:40 PM IST
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बुलंदशहर जिला प्रशासन ने गोकशी को ही स्याना बवाल का मुख्य कारण माना है। इसलिए गोकशी मामले में जेल गए तीनों आरोपियों पर रासुका लगाई है। पिछले तीन दिसंबर को स्याना की चिंगरावठी चौकी क्षेत्र में गोवंशों के अवशेष मिलने के बाद भीड़ ने उग्र रूप ले लिया था।
बवाल में स्याना कोतवाल सुबोध कुमार सिंह व चिंगरावठी निवासी सुमित की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस सात गोकशों को पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जेल गए कुछ आरोपी जमानत पर बाहर आने की कोशिश में हैं।
सोमवार को डीएम अनुज कुमार झा ने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर अपने आदेश में कहा कि आरोपी अजहर निवासी कैथवाला, नदीम उर्फ नदीमुद्दीन व महबूब अली निवासी चौधरियान, थाना स्याना साथियों के साथ मिलकर अवैध रूप से लाभ अर्जित करने के लिए गोकसी संलिप्त पाए गए हैं।
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गांव महाब व नयाबांस में इनके इस कृत्य से लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। विरोध स्वरूप लोगों ने हिंसात्मक प्रदर्शन किया। साथ ही पुलिस पर दोषारोपण कर लाठी, डंडों, कुल्हाड़ी आदि से प्रहार कर व गोली मारकर तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक स्याना की हत्या कर दी। संभावना है कि आरोपी जेल से छूटने के बाद साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। इसलिए तीनों आरोपियों को एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) में निरुद्ध किया गया।
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बवाल में स्याना कोतवाल सुबोध कुमार सिंह व चिंगरावठी निवासी सुमित की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस सात गोकशों को पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जेल गए कुछ आरोपी जमानत पर बाहर आने की कोशिश में हैं।
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सोमवार को डीएम अनुज कुमार झा ने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर अपने आदेश में कहा कि आरोपी अजहर निवासी कैथवाला, नदीम उर्फ नदीमुद्दीन व महबूब अली निवासी चौधरियान, थाना स्याना साथियों के साथ मिलकर अवैध रूप से लाभ अर्जित करने के लिए गोकसी संलिप्त पाए गए हैं।
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गांव महाब व नयाबांस में इनके इस कृत्य से लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। विरोध स्वरूप लोगों ने हिंसात्मक प्रदर्शन किया। साथ ही पुलिस पर दोषारोपण कर लाठी, डंडों, कुल्हाड़ी आदि से प्रहार कर व गोली मारकर तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक स्याना की हत्या कर दी। संभावना है कि आरोपी जेल से छूटने के बाद साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। इसलिए तीनों आरोपियों को एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) में निरुद्ध किया गया।
स्याना बवाल : न हुआ कोई सरेंडर, न पुलिस ने मांगी कुर्की
स्याना बवाल प्रकरण को 44 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब नौ नामजद आरोपी व अन्य अज्ञात आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। सोमवार को भी मामले में न तो किसी आरोपी ने सरेंडर किया और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी है। दूसरी ओर पुलिस ने भी मामले में अभी आरोपियों की कुर्की के लिए याचिका कोर्ट में पेश नहीं की है।
स्याना बवाल में पुलिस ने 27 नामजद समेत 50-60 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। जिसके बाद पुलिस ने कुछ आरोपियों के घरों पर गिरफ्तारी न होने के कारण 82 सीआरपीसी के तहत नोटिस भी चस्पा किए थे। इसके बाद पुलिस ने धड़ाधड़ कई आरोपियों को दबोचा ओर कई आरोपी सरेंडर कर चुके हैं। अब तक मामले में 36 आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं।
जिनमें से 17 आरोपी नामजद हैं व 19 आरोपी वीडियो फुटेज के आधार पर प्रकाश में आए थे। अभी नौ नामजद व अन्य अज्ञात आरोपी फरार हैं। माना जा रहा था कि सोमवार को कुछ आरोपी सरेंडर कर सकते हैं, लेकिन सूत्रों की मानें तो अब दो से तीन दिन के भीतर अधिकतर आरोपी सरेंडर कर देंगे। दूसरी ओर पुलिस ने भी फरार आरोपियों के घरों की कुर्की के लिए कोर्ट में याचिका नहीं दी है।
इसके अलावा अभी इंस्पेक्टर की पिस्टल और मोबाइल भी पुलिस बरामद नहीं कर पाई है। एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जल्द ही आरोपियों को दबोच लिया जाएगा। यदि आरोपी गिरफ्तार नहीं होते हैं या फिर सरेंडर नहीं करते हैं तो0 कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
स्याना बवाल में पुलिस ने 27 नामजद समेत 50-60 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। जिसके बाद पुलिस ने कुछ आरोपियों के घरों पर गिरफ्तारी न होने के कारण 82 सीआरपीसी के तहत नोटिस भी चस्पा किए थे। इसके बाद पुलिस ने धड़ाधड़ कई आरोपियों को दबोचा ओर कई आरोपी सरेंडर कर चुके हैं। अब तक मामले में 36 आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं।
जिनमें से 17 आरोपी नामजद हैं व 19 आरोपी वीडियो फुटेज के आधार पर प्रकाश में आए थे। अभी नौ नामजद व अन्य अज्ञात आरोपी फरार हैं। माना जा रहा था कि सोमवार को कुछ आरोपी सरेंडर कर सकते हैं, लेकिन सूत्रों की मानें तो अब दो से तीन दिन के भीतर अधिकतर आरोपी सरेंडर कर देंगे। दूसरी ओर पुलिस ने भी फरार आरोपियों के घरों की कुर्की के लिए कोर्ट में याचिका नहीं दी है।
इसके अलावा अभी इंस्पेक्टर की पिस्टल और मोबाइल भी पुलिस बरामद नहीं कर पाई है। एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जल्द ही आरोपियों को दबोच लिया जाएगा। यदि आरोपी गिरफ्तार नहीं होते हैं या फिर सरेंडर नहीं करते हैं तो0 कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।