{"_id":"591888a84f1c1b1d68853f26","slug":"builders-trying-to-get-trapped-in-the-fake-housing-scheme","type":"story","status":"publish","title_hn":"आवासीय योजना के फर्जी विज्ञापन से फंसाने की कोशिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आवासीय योजना के फर्जी विज्ञापन से फंसाने की कोशिश
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Sun, 14 May 2017 10:11 PM IST
विज्ञापन
DEMO PIC
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर आप फ्लैट व प्लॉट खरीदने जा रहे हैं तो जरा संभल जाएं। कुछ प्रॉपर्टी कारोबारी प्राधिकरण की आवासीय योजनाओं के जैसा विज्ञापन छपवाकर लोगों को फंसाने का प्रयास कर रहे हैं। इन विज्ञापनों को देखकर लगेगा कि प्राधिकरण की आवासीय योजना लांच हुई है, जबकि प्राधिकरण की ऐसी कोई योजना ही नहीं है। यमुना प्राधिकरण ऐसे ही एक विज्ञापनदाता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने जा रहा है।
विज्ञापन
प्रॉपर्टी बाजार में मंदी है। इससे जुड़े कारोबारियों को खरीदार नहीं मिल रहे हैं। इसलिए प्रॉपर्टी खरीदने के इच्छुक लोगों को लुभाने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। हाल ही में यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में आवासीय भूखंड योजना का एक विज्ञापन दिखा, जो देखने में प्राधिकरण की योजना का विज्ञापन जैसा दिख रहा है।
विज्ञापन
इसे देखकर लोग उसे यमुना प्राधिकरण की योजना ही समझ रहे हैं। प्राधिकरण के जैसा लोगो, जेवर एयरपोर्ट, मेट्रो, एक्सप्रेसवे की फोटो आदि लगाकर विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है। यहां तक कि योजना के आरंभ और समाप्ति की तिथि व ड्रॉ की तिथि भी तय कर दी गई है। अमूमन इस तरह के विज्ञापन प्राधिकरणों की तरफ से ही निकाले जाते हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में घर की चाहत रखने वाले लोग इनके झांसे में आसानी से आ सकते हैं।
विज्ञापन
हालांकि कुछ लोग प्राधिकरण की वेबसाइट व अन्य संपर्कों से पता कर रहे हैं कि क्या प्राधिकरण ने आवासीय भूखंड की कोई योजना लांच की है। इस सिलसिले में प्राधिकरण को कई कॉल भी आ चुकी हैं। प्राधिकरण का स्पष्ट कहना है कि ऐसी कोई भी योजना फिलहाल नहीं चल रही है। प्राधिकरण ने खोजबीन करने के बाद तय किया कि ऐसे विज्ञापनदाताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। प्राधिकरण ऐसे लोगों पर एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।
प्राधिकरण के जैसा विज्ञापन निकालकर लोगों को भ्रमित करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। एसीईओ से इसकी पड़ताल कर इस तरह का विज्ञापन देेने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को कहा गया है।
-डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण