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बदल गया बिल्डर, खरीदारों को नहीं पता
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 16 Jun 2017 10:27 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिल्डर प्रोजेक्ट की एक और बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। शुभकामना बिल्डर ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट में प्रोजेक्ट लांच कर खरीदारों की बुकिंग कर ली। बाद में कंपनी बोर्ड के निदेशक बदल गए। नए निदेशक को लेन-देन का हिसाब भी नहीं मिला, जिससे प्रोजेक्ट के साथ ही खरीदारों का पैसा भी फंसता दिख रहा है।
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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की पहल पर बुधवार को बिल्डर और खरीदारों की बैठक हुई, जिसमें यह बात सामने आई। खरीदारों को पजेशन देने के सवाल पर कंपनी के मौजूदा निदेशकों ने बताया कि कंपनी के पूर्व के निदेशकों से खरीदारों का पूरा ब्योरा नहीं मिल सका। खरीदारों से कितना पैसा मिला है, कितना और मिलना है। प्राधिकरण का कितना बकाया है। इसलिए अभी पजेशन की तिथि देने में असमर्थ हैं।
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इस पर प्राधिकरण के एसीईओ जनार्दन और वरिष्ठ प्रबंधक अरविंद मोहन सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि खरीदारों को इससे मतलब नहीं है कि आपकी कंपनी के बोर्ड के निदेशक पहले कौन थे और अब कौन हैं। आपसी विवाद को हल करके 10 दिन में रिपोर्ट सबमिट करें कि प्रोजेक्ट को कैसे और कब तक पूरा करेंगे। यह प्रोजेक्ट 2011 में लांच किया गया था। करीब 250 खरीदारों का पैसा लगा है। अभी तक निर्माण अधूरा है। प्राधिकरण ने रिपोर्ट सबमिट न करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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सड़कें बनाने के विकल्प पर मंथन
ग्रेटर नोएडा। एनजीटी से रोक के चलते हॉटमिक्स प्लांट बंद हैं। इससे बिटुमिनस नहीं मिल पा रहा। सड़कें रिपेयर करने में प्राधिकरण को दिक्कत हो रही है। कई जगह आवंटियों को इसलिए प्लॉट पर पजेशन नहीं दिया जा रहा, क्योंकि वहां पर सड़कें नहीं बनी हैं। प्राधिकरण के सीईओ देबाशीष पांडा ने बिटुमिनस का विकल्प तलाशने को कहा है, ताकि सड़कें बनाई जा सकें। इसके लिए सलाहकार की भी मदद ली जाएगी।