बजट 2020: वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए 4400, दिल्ली पुलिस को 8242 करोड़
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केंद्रीय मंत्री ने अपने बजट भाषण में बताया कि करीब 4,400 करोड़ रुपये वायु प्रदूषण के नियंत्रण पर खर्च होंगे। जबकि पिछले बजट में यह रकम सिर्फ 460 करोड़ रुपये थी। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका बड़ा हिस्सा दिल्ली-एनसीआर की हवा साफ करने पर खर्च होगा। जिसका वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में इशारा भी किया है। उन्होंने दस लाख से ज्यादा आबादी में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जाहिर की है।
दरअसल, दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा साल के ज्यादातर दिनों में खराब रहती है। दिवाली से लेकर होली के बीच कई बार दिल्ली के लोगों को दमघोंटू हवा में सांस लेनी पड़ती है। दिल्ली-एनसीआर के स्थानीय प्रदूषण के साथ इसकी वजह पड़ोसी राज्यों में पराली भी बनती है। जिसको जलाने से निकलने वाला धुंआ दिल्ली की हवा की गुणवत्ता को गंभीर स्तर तक खराब कर देता है। बीते साल दिवाली से लेकर इस साल के जनवरी के पहले दस दिन हवा बेहद खराब से गंभीर स्तर तक खराब रही।
वायु प्रदूषण पर काम करने वाली संस्था इकोस्फेयर के प्रशांत गुंजन ने बताया कि बजट का विस्तृत दस्तावेज आने के बाद ही पता चल सकेगा कि दिल्ली-एनसीआर के वायु प्रदूषण पर कितनी रकम खर्च होनी है। फिर भी वायु प्रदूषण पर जिस तरह केंद्रीय मंत्री ने अपने बजटीय भाषण में जोर दिया है, उसे देखते हुए उम्मीद बनती है कि देश के सबसे प्रदूषित दिल्ली-एनसीआर के वायु प्रदूषण को खत्म करने के लिए सरकार विस्तृत कार्ययोजना लेकर आएगी।
दिल्ली पुलिस को मिले 8242 करोड़
दिल्ली पुलिस के लिए वित्त वर्ष 2020-21 के अंतरिम बजट में 8242.46 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह वित्त वर्ष 2019-20 की जुलना में 1.96 प्रतिशत अधिक है। बजट में आवंटित कुल राशि में से राजस्व अनुभाग के लिए 8019.83 रुपये निर्धारत किए गए हैं।
इस अनुभाग में प्रशासनिक अनुभाग, सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ और विकास एवं संचार नेटवर्क आते हैं। पुलिस के बुनियादी ढांचे के लिए 365.62 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पिछले वित्त वर्ष में यह 468.86 करोड़ रुपये थे। इसमें कार्यालय और आवासीय इमारतें भी शामिल है।
बता दें कि दिल्ली में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की है। पुलिस के बुनियादी ढांचे, आधुनिकीकरण और राजधानी के ट्रैफिक सिस्टम को बेहतर करने के लिए इस बजट का इस्तेमाल किया जाएगा।