इकलौता था आदर्श: बहन ने मोबाइल पर गेम खेलने पर डांटा तो भाई ने फंदा लगाकर दी जान, अब रो-रोकर कह रही एक ही बात
उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त भीष्म शर्मा ने बताया कि आदर्श अपने परिवार के साथ लाल बाग, आदर्श नगर में रहता था। इसके परिवार में पिता अनिल कुमार झा, मां और एक बड़ी बहन है। आदर्श के पिता सोनीपत कुंडली में एक एक्सपोर्ट कंपनी में नौकरी करते हैं।
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उत्तर-पश्चिम दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में बड़ी बहन ने छोटे भाई को मोबाइल पर गेम खेलने से मना किया और डांट दिया। भाई को बहन की डांट इस कदर बुरी लगी कि उसने फंदा लगा लिया। परिजनों ने फंदा लगाने के कुछ ही देर में छात्र को फंदे से उतार कर निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
नहीं बरामद हुआ सुसाइड नोट
मृतक की शिनाख्त आदर्श कुमार (15) के रूप में हुई है। पुलिस को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने गुरुवार को पोस्टमार्टम कराकर आदर्श का शव परिवार के हवाले कर दिया है। इकलौते बेटे की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
नौवीं कक्षा में पढ़ता था आदर्श
उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त भीष्म शर्मा ने बताया कि आदर्श अपने परिवार के साथ लाल बाग, आदर्श नगर में रहता था। इसके परिवार में पिता अनिल कुमार झा, मां और एक बड़ी बहन है। आदर्श के पिता सोनीपत कुंडली में एक एक्सपोर्ट कंपनी में नौकरी करते हैं। आदर्श पास के एक निजी स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र था।
बहन बार-बार बोल रही- उसने भाई को क्यों डांटा
बुधवार को स्कूल की छुट्टी थी तो आदर्श मोबाइल चला रहा था। बहन ने पहले मोबाइल रखकर पढ़ाई करने के लिए कहा, लेकिन उसने बहन की बात को अनसुना कर दिया। कुछ देर बाद बहन ने दोबारा डांटा तो वह नाराज होकर अपने कमरे में चला गया और यह कदम उठा लिया। इकलौते बेटे की मौत के बाद अनिल कुमार झा व उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। आदर्श की बहन भी बार-बार कहे जा रही है कि उसने भाई को क्यों डांटा।