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'बोनस और अस्पताल खर्च नहीं मिला तो करनी पड़ेगी आत्महत्या'
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 25 Sep 2016 12:01 AM IST
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पुलिस
- फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
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कोंडली गांव दिल्ली निवासी संजय कुमार ने सिटी मजिस्ट्रेट को पत्र लिखकर कहा है कि कंपनी ने उन्हें बिना कोई कारण बताए नौकरी से निकाल दिया है।
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वह 2011 से सेक्टर-65 स्थित एक कंपनी में काम करता आ रहा है। जनरेटर मिस्त्री होने के कारण कंपनी उसे छुट्टी में भी बुलाती रहती थी। आरोप है कि अगस्त में वह जेनरेटर ठीक कर रहा था, उसी बीच कंपनी के लोग आए और सिर में रॉड मारकर घायल कर दिया।
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उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। ठीक होने पर जब वह नौकरी पर गया तो कंपनी प्रबंधन ने उसे पीटकर भगा दिया। इस मामले की श्रम विभाग में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मांग की है कि नौकरी, बोनस और अस्पताल का खर्च दिलाया जाए, अन्यथा आत्महत्या करनी पड़ेगी।
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